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Ukraine Crisis: विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत का रूस के साथ आर्थिक संबंधों को स्थिर रखने पर ध्यान

पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:30 AM IST

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि रूस पर भारत का रुख स्पष्ट रहा है। साथ ही कहा कि हम देख रहे हैं कि अपने आर्थिक संबंधों को कैसे स्थिर रखा जाए।

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यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में भारत पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि वह किस तरफ खड़ा है। हालांकि भारत के बड़े नेता कई बड़े मंचों पर अपना रुख साफ कर चुके हैं। वहीं भारत ने  गुरुवार को दोहराया कि वह रूस के साथ अपने आर्थिक संबंधों को स्थिर रखने पर ध्यान दे रहा है।

मीडिया ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से पूछा कि क्या भारत अधिक रूसी कच्चा तेल खरीद रहा है? तो उन्होंने जवाब दिया कि रूस पर भारत का रुख स्पष्ट रहा है। साथ ही कहा कि हम देख रहे हैं कि अपने आर्थिक संबंधों को कैसे स्थिर रखा जाए। हम रूस से बहुत कम तेल खरीदते हैं। यह सरकार से सरकार के आधार पर नहीं किया जाता है।

आगे बागची ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद बढ़ी है या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले पर भारत की अमेरिका के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है।

तेल पर विदेश मंत्री भी दे चुके हैं जवाब
विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया को जवाब दिया था कि अगर आप रूस से ईंधन खरीदने को लेकर भारत पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो मैं आपसे यूरोप पर फोकस करने के लिए कहूंगा। उन्होंने कहा कि हम बस अपनी जरूरत का ईंधन खरीदते हैं, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद  जरूरी है। लेकिन यूरोप इतने बड़े सौदे सिर्फ एक दोपहर में ही कर लेता है। 

विस्तार

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में भारत पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि वह किस तरफ खड़ा है। हालांकि भारत के बड़े नेता कई बड़े मंचों पर अपना रुख साफ कर चुके हैं। वहीं भारत ने  गुरुवार को दोहराया कि वह रूस के साथ अपने आर्थिक संबंधों को स्थिर रखने पर ध्यान दे रहा है।

मीडिया ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से पूछा कि क्या भारत अधिक रूसी कच्चा तेल खरीद रहा है? तो उन्होंने जवाब दिया कि रूस पर भारत का रुख स्पष्ट रहा है। साथ ही कहा कि हम देख रहे हैं कि अपने आर्थिक संबंधों को कैसे स्थिर रखा जाए। हम रूस से बहुत कम तेल खरीदते हैं। यह सरकार से सरकार के आधार पर नहीं किया जाता है।

आगे बागची ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद बढ़ी है या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले पर भारत की अमेरिका के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है।

तेल पर विदेश मंत्री भी दे चुके हैं जवाब

विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया को जवाब दिया था कि अगर आप रूस से ईंधन खरीदने को लेकर भारत पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो मैं आपसे यूरोप पर फोकस करने के लिए कहूंगा। उन्होंने कहा कि हम बस अपनी जरूरत का ईंधन खरीदते हैं, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद  जरूरी है। लेकिन यूरोप इतने बड़े सौदे सिर्फ एक दोपहर में ही कर लेता है। 

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