एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 17 Nov 2021 06:58 AM IST
सार
फोन नंबर भी सीबीआई अफसरों के साथ साझा करना होगा। फोन नंबर हमेशा ऑन रहना चाहिए, जिससे जांच अधिकारियों को पाटिल की हर समय सही लोकेशन का पता चलते रहे।
सांकेतिक तस्वीर….
– फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विशेष न्यायाधीश हरिश कुमार ने पाटिल को 50 हजार के मुचलके पर जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को जमानत के सात दिन के भीतर गूगल मैप पर अपनी लोकेशन सीबीआई के जांच अधिकारियों के साथ साझा करनी होगी।
दाखिले के नाम पर करता था फर्जीवाड़ा
पाटिल पुणे के एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड में कर्मचारी है। आरोप है कि जेईई मेन परीक्षा में सॉल्वर के जरिये वे छात्रों को सीट दिलवाने के काम में लिप्त था। इसके लिए वे इस प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों के अभिभावकों से सीट पक्की करने का वादा कर पैसे लेता था।
दो सितंबर को सीबीआई ने रैकेट का पर्दाफाश किया और पाटिल समेत अन्य सात लोगों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई का आरोप है कि पाटिल की दिल्ली-एनसीआर के परीक्षा केंद्रों के सुपरवाइजरों से मिलीभगत थी।
