Business

Inflation in India: 50 साल बाद दुनिया को फिर डरा रही महंगाई, नए साल में आम लोगों की जेब कटनी तय

Inflation in India: 50 साल बाद दुनिया को फिर डरा रही महंगाई, नए साल में आम लोगों की जेब कटनी तय

भारत में 50 साल बाद महंगाई डरा रही है
– फोटो : iStock

कोरोना महामारी के बाद जिस तेजी से महंगाई बढ़ी है। उसका एक बुरा असर लोगों की जेबों पर पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कई लोग ये आस लगाए बैठे हैं कि आने वाला साल शायद उनको महंगाई से राहत दिलाएगा। हालांकि, अर्थव्यवस्था जिस तरह से गति कर रही है, उसे देखते हुए ऐसा नहीं लगता है कि साल 2022 में भी लोगों को महंगाई से राहत मिलने वाली है। साल 2020 के बाद से दुनिया के कई देशों में मुद्रास्फीति काफी तेजी से बढ़ी है। इस कारण दुनिया के कई देशों में गुजर बसर करने वाला आम जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे में 50 साल बाद दुनिया को फिर से महंगाई का डर सता रहा है। 1974 के बाद अमेरिका में जो महंगाई बढ़ी थी, उसका बुरा असर विश्व के कई देशों में देखने को मिला था। अमेरिका में बढ़ी इस महंगाई का सबसे बड़ा कारण वियतनाम युद्ध और मिडल ईस्ट से हो रही तेल आपूर्ति में दिक्कतें थीं। इससे दुनिया के कई देश नकारात्मक तौर पर प्रभावित हुए।

भारत में 50 साल बाद महंगाई डरा रही है
– फोटो : iStock

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भी इन्फ्लेशन काफी तेजी से बढ़ा था। इसका सबसे बड़ा कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का ठप पड़ा जाना था क्योंकि कई मजदूरों को युद्ध के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। वहीं जब युद्ध समाप्त हुआ, तो जरूरी वस्तुओं को लेकर मांग बढ़ने लगी और चीजों की आपूर्ति कम थी। कोरोना महामारी के बाद आज स्थिति कुछ ऐसी ही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर महंगाई इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है? और आम जन जीवन को इससे कब राहत मिलने की उम्मीद होगी? इसी कड़ी में आज हम उन कारकों के बारे में जानेंगे, जो महंगाई को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं? और कब लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद होगी?

भारत में 50 साल बाद महंगाई डरा रही है
– फोटो : pixabay

कोरोना महामारी में नकारात्मक ढंग से प्रभावित हुई आपूर्ति श्रृंखला

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को नकारात्मक ढंग से प्रभावित किया है। इसका सबसे बुरा असर वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। इसके चलते विश्व भर में उत्पादन श्रृंखला पूरी तरह से ठप पड़ गई थी। हालांकि, कोरोना महामारी के अंत के बाद अर्थव्यवस्था ने दोबारा गति करनी शुरू की। ऐसे में उत्पादों को लेकर लोगों की मांग काफी तेजी से बढ़ने लगी। 

भारत में 50 साल बाद महंगाई डरा रही है
– फोटो : पेक्सेल्स

वहीं महामारी के चलते बाधित हुई उत्पादन श्रृंखला उतनी मात्रा में चीजों का उत्पादन नहीं कर पा रही है, जितनी उसकी मांग है। इस कारण मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से कई क्षेत्रों में चीजों के दाम काफी तेजी से बढ़ने लगे हैं। ये एक सबसे बड़ी वजह है, जिसके चलते बीते सालों में महंगाई बढ़ी है। 

भारत में 50 साल बाद महंगाई डरा रही है
– फोटो : ANI

पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ने और सरकार द्वारा अधिक मात्रा में उस पर टैक्सेशन चार्ज भी मुद्रास्फीति के बढ़ने की एक बड़ी वजह है। बीते कुछ महीनों में जिस तेजी से भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि हुई है। उसका एक बुरा असर ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र पर पड़ रहा है। ऐसे में चीजों को लाने ले जाने का जो अतिरिक्त खर्च आ रहा है, उसका दबाव भी ग्राहकों को झेलना पड़ रहा है। 

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top
%d bloggers like this: