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Big fall in Sensex: सेंसेक्स ने देखी नए साल में तीसरी बड़ी गिरावट, यहां जानें कोरोना आने के बाद कब-कब हुआ धराशायी

Big fall in Sensex: सेंसेक्स ने देखी नए साल में तीसरी बड़ी गिरावट, यहां जानें कोरोना आने के बाद कब-कब हुआ धराशायी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 11 Feb 2022 12:13 PM IST

सार

Sensex Saw Third Major Fall OF 2022: सप्ताह के आखिरी कारोबार दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 997 अंक तक टूट चुका है। गौरतलब है कि ये साल 2022 शुरू होने के बाद से सेंसेक्स में तीसरी बड़ी गिरावट है। 2020 में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से बीएसई के सूचकांक सेंसेक्स ने कई बड़ी गिरावटें देखी हैं। आइये जानते हैं इन बड़ी गिरावटों के बारे में।
 

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शुक्रवार को एक बार फिर शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार लाल निशान पर खुला और देखते ही देखते धराशायी हो गया। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 997 अंक तक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सेंज का निफ्टी सूचकांक 294 अंक तक फिसल गया। गौरतलब है कि साल 2022 शुरू होने के बाद डेढ़ महीने के भीतर ही सेंसेक्स में ये तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है। 

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण 
शुक्रवार को बाजार में आई भारी गिरावट की प्रमुख वजह की बात करें तो अमेरिका में महंगाई दर का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया, जो कि 40 साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 7.5 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है, इसका प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। वहीं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की संभावना भी वैश्विक बाजारों के साथ घरेलू बाजार में गिरावट का कारण बन रही है।

कोरोना काल में सबसे बड़ी गिरावट
साल 2020 में कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद से शेयर बाजार कई बार धराशयी हुआ है। सेंसेक्स ने महामारी के दौरान अब तक के इतिहास की कई बड़ी गिरावटें देखी हैं। इनमें सबसे बड़ी गिरावट 23 मार्च 2020 को आई थी जब सेंसेक्स 3934 अंक टूट गया था। इसके बाद कई ऐसे मौके आए जब सेंसेक्स ने निवेशकों का भारी नुकसान कराया। यह सिलसिला 2022 में भी देखने को मिल रहा है और महज डेढ़ महीने के भीतर ही कई बार टूट चुका है, इस बीच तीन बड़ी गिरावटें इसमें देखी गई हैं। 

कोरोना आने के बाद सेंसेक्स का बुरा दौर

तारीख वर्ष गिरावट
12 मार्च 2020 2919
16 मार्च 2020 2713
23 मार्च 2020   3934
4 मई         2020 2002
18 मई 2020   1068
26 फरवरी 2021   1939
12 अप्रैल 2021   1707
26 नवंबर 2021   1687
24 जनवरी 2022   1546
07 फरवरी 2022   1024
11 फरवरी 2022   997

अक्तूबर 2021 में पहुंचा था 62 हजार के पार
गौरतलब है कि सेंसेक्स ने पिछले साल 19 अक्तूबर को ही 62,245 अंक का अपना अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। हालांकि, इसके बाद शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के कारण इसमें गिरावट का दौर शुरू हुआ और साल 2021 के अंत तक इसमें उच्च स्तर से करीब दस फीसदी की गिरावट दर्ज की गइ थी, जो नया साल शुरू होने के बाद और भी बढ़ गई है।  

एक लाख तक पहुंचेगा बीएसई का सेंसेक्स 
एक ओर जहां सेंसेक्स बड़ी-बड़ी गिरावटें देख रहा है, तो वहीं दूसरी ओर जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने हाल ही में जारी अपने साप्ताहिक नोट ‘ग्रीड एंड फियर’ में उम्मीद जताई है कि भारत का अहम इक्विटी इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स 2026 के अंत तक या फिर 2027 की शुरुआत में 100,000 तक का स्तर छू सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में सेंसेक्स में सालाना आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

विस्तार

शुक्रवार को एक बार फिर शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार लाल निशान पर खुला और देखते ही देखते धराशायी हो गया। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 997 अंक तक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सेंज का निफ्टी सूचकांक 294 अंक तक फिसल गया। गौरतलब है कि साल 2022 शुरू होने के बाद डेढ़ महीने के भीतर ही सेंसेक्स में ये तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है। 

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण 

शुक्रवार को बाजार में आई भारी गिरावट की प्रमुख वजह की बात करें तो अमेरिका में महंगाई दर का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया, जो कि 40 साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 7.5 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है, इसका प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। वहीं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की संभावना भी वैश्विक बाजारों के साथ घरेलू बाजार में गिरावट का कारण बन रही है।

कोरोना काल में सबसे बड़ी गिरावट

साल 2020 में कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद से शेयर बाजार कई बार धराशयी हुआ है। सेंसेक्स ने महामारी के दौरान अब तक के इतिहास की कई बड़ी गिरावटें देखी हैं। इनमें सबसे बड़ी गिरावट 23 मार्च 2020 को आई थी जब सेंसेक्स 3934 अंक टूट गया था। इसके बाद कई ऐसे मौके आए जब सेंसेक्स ने निवेशकों का भारी नुकसान कराया। यह सिलसिला 2022 में भी देखने को मिल रहा है और महज डेढ़ महीने के भीतर ही कई बार टूट चुका है, इस बीच तीन बड़ी गिरावटें इसमें देखी गई हैं। 

कोरोना आने के बाद सेंसेक्स का बुरा दौर

तारीख वर्ष गिरावट
12 मार्च 2020 2919
16 मार्च 2020 2713
23 मार्च 2020   3934
4 मई         2020 2002
18 मई 2020   1068
26 फरवरी 2021   1939
12 अप्रैल 2021   1707
26 नवंबर 2021   1687
24 जनवरी 2022   1546
07 फरवरी 2022   1024
11 फरवरी 2022   997

अक्तूबर 2021 में पहुंचा था 62 हजार के पार

गौरतलब है कि सेंसेक्स ने पिछले साल 19 अक्तूबर को ही 62,245 अंक का अपना अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। हालांकि, इसके बाद शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के कारण इसमें गिरावट का दौर शुरू हुआ और साल 2021 के अंत तक इसमें उच्च स्तर से करीब दस फीसदी की गिरावट दर्ज की गइ थी, जो नया साल शुरू होने के बाद और भी बढ़ गई है।  

एक लाख तक पहुंचेगा बीएसई का सेंसेक्स 

एक ओर जहां सेंसेक्स बड़ी-बड़ी गिरावटें देख रहा है, तो वहीं दूसरी ओर जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने हाल ही में जारी अपने साप्ताहिक नोट ‘ग्रीड एंड फियर’ में उम्मीद जताई है कि भारत का अहम इक्विटी इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स 2026 के अंत तक या फिर 2027 की शुरुआत में 100,000 तक का स्तर छू सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में सेंसेक्स में सालाना आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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