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दक्षिण अफ्रीका: जहां मिला ओमिक्रॉन का पहला केस, अब वहीं सरकार ने क्वारंटीन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर लगाई रोक

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहान्सबर्ग
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 25 Dec 2021 10:24 AM IST

सार

कोरोना संकट से निपटने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाती है। कई जगह तो इसके लिए एप भी बन गए हैं। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का उद्देश्य होता है लोगों को आगाह करना ताकि वे किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना पहुंचें।

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बढ़ते ओमिक्रॉन संकट के बीच दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। दरअसल, यहां की सरकार ने क्वारंटीन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर रोक लगा दी है। इसका मतलब यह हुआ कि लोगों को अब न ही क्वारंटीन होना होगा और न ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। देश के स्वास्थ्य महानिदेशक ने गुरुवार को एक परिपत्र में कहा कि हमने इन दो प्रक्रियाओं पर रोक जरूर लगा दिया है लेकिन हमारी क्लस्टर कंटेनमेंट नीति जारी रहेगी जिसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग उपाय, सभी संदिग्धों का टेस्ट करना और उन्हें आइसोलेट करना शामिल है। विभाग ने कहा कि देश में 80 फीसदी आबादी की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है इसलिए चिंता करने की बात नहीं है। 

क्वारंटीन लोगों के लिए अब महंगा: विशेषज्ञ
विशेषज्ञों ने कहा कि क्वारंटीन लोगों के लिए अब महंगा हो गया है इसलिए शमन रणनीति अपनानी होगी। इसका मतलब यह हुआ कि लोगों में जागरुकता पैदा करनी होगी ताकि लोग मास्क लगाने की आदत डाल सकें एवं वैक्सीन सभी को लगवाने के लिए प्रेरित करना होगा। इसके अलावा सरकार को भीड़-भाड़ वाले इलाके में सख्ती बरतनी होगी।

दक्षिण अफ्रीका में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पहले से ही कम रहा
दक्षिण अफ्रीका में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कई देशों की तुलना में नगण्य रहा है, हालांकि इस कदम में अभी बदलाव की जरूरत है।  मार्च 2020 में कोरोना वायरस के आने पर सरकार ने आपदा की स्थिति घोषित कर दी और तब से संक्रमण की व्यापकता के आधार पर चेतावनी जारी की जाती है।

विस्तार

बढ़ते ओमिक्रॉन संकट के बीच दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। दरअसल, यहां की सरकार ने क्वारंटीन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर रोक लगा दी है। इसका मतलब यह हुआ कि लोगों को अब न ही क्वारंटीन होना होगा और न ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। देश के स्वास्थ्य महानिदेशक ने गुरुवार को एक परिपत्र में कहा कि हमने इन दो प्रक्रियाओं पर रोक जरूर लगा दिया है लेकिन हमारी क्लस्टर कंटेनमेंट नीति जारी रहेगी जिसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग उपाय, सभी संदिग्धों का टेस्ट करना और उन्हें आइसोलेट करना शामिल है। विभाग ने कहा कि देश में 80 फीसदी आबादी की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है इसलिए चिंता करने की बात नहीं है। 

क्वारंटीन लोगों के लिए अब महंगा: विशेषज्ञ

विशेषज्ञों ने कहा कि क्वारंटीन लोगों के लिए अब महंगा हो गया है इसलिए शमन रणनीति अपनानी होगी। इसका मतलब यह हुआ कि लोगों में जागरुकता पैदा करनी होगी ताकि लोग मास्क लगाने की आदत डाल सकें एवं वैक्सीन सभी को लगवाने के लिए प्रेरित करना होगा। इसके अलावा सरकार को भीड़-भाड़ वाले इलाके में सख्ती बरतनी होगी।

दक्षिण अफ्रीका में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पहले से ही कम रहा

दक्षिण अफ्रीका में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कई देशों की तुलना में नगण्य रहा है, हालांकि इस कदम में अभी बदलाव की जरूरत है।  मार्च 2020 में कोरोना वायरस के आने पर सरकार ने आपदा की स्थिति घोषित कर दी और तब से संक्रमण की व्यापकता के आधार पर चेतावनी जारी की जाती है।

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