एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 17 Nov 2021 04:30 AM IST
सार
जनवरी, 2020 के बाद से भवन निर्माण की लगातार में लगातार इजाफा हो रहा है। महामारी में लगाए लॉकडाउन, कर्फ्यू और श्रमिकों की कमी के कारण हुई देरी से पहले ही निर्माण की लागत 15-20 फीसदी तक बढ़ चुकी है।
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विस्तार
13,000 से अधिक डेवलपर्स की अगुवाई करने वाले संगठन क्रेडाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटोदिया ने कहा, सरकार को जल्द सीमेेंट और स्टील जैसे उत्पादों की कीमतें घटाने व अन्य कच्चे माल पर जीएसटी में कटौती जैसे कदम उठाने होंगे।
अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ भारत सहित दुनियाभर में स्टील के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लागत में एक बार फिर इजाफा होने की आशंका है। ऐसा होता है, तो उपभोक्ताओं को भी मकान खरीदने के लिए 15 फीसदी तक ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
ज्यादा दिन नहीं झेल सकते दबाव
संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, डेवलपर्स को रियल एस्टेट बाजार को किफायती बनाए रखने का क्रेडिट दिया जाना चाहिए। लागत का दबाव बढ़ने के बावजूद कीमतों को नीचे बनाए रखा है, लेकिन इसे ज्यादा दिन तक झेलना संभव नहीं है। ज्यादातर डेवलपर्स बेहद कम मार्जिन पर कारोबार कर रहे हैं और देर-सबेर उन्हें दाम बढ़ाने का फैसला लेना ही पड़ेगा।
दिल्ली-एनसीआर सहित आठ शहरों में 20 फीसदी तक बढ़ेगी बिक्री
नौकरियां बढ़ने और ब्याज दरों में गिरावट के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित आठ मेट्रो शहरों में मकानों की बिक्री 15-20 फीसदी तक बढ़ सकती है। वैश्विक संपत्ति सलाहकार फर्म प्रॉपटाइगर ने बताया कि संक्रमण में कमी के बाद जुलाई से मकानों की मांग लगातार बढ़ रही है और अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 70 हजार से ज्यादा मकानों की बिक्री का अनुमान है। यह पिछले साल की समान तिमाही से करीब 20 फीसदी अधिक होगा। 2021 में जनवरी से सितंबर तक कुल 1,38,051 मकानों की बिक्री हुई, जो महामारी से प्रभावित 2020 की तुलना में 12 फीसदी अधिक है।
