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UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन पर चर्चा, भारत ने कहा- दोनों देश शत्रुता को तत्काल समाप्त कर बातचीत करे

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 08 Mar 2022 03:50 AM IST

सार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि हमने भारतीयों सहित सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अपनी तत्काल मांग को दोहराया है। हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद, सूमी में हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि “यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति और आगामी मानवीय संकट पर हमें तत्काल ध्यान देना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, पिछले ग्यारह दिनों में 15 लाख शरणार्थियों ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों में शरण मांगी है।” तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि “संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, अब तक 140 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें एक युवा भारतीय छात्र भी शामिल है। भारत उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है और हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम संघर्ष में हर नागरिक के नुकसान पर शोक व्यक्त करते हैं।”

दोनों देश शत्रुता को तत्काल समाप्त कर बातचीत करे: यूएनएससी में भारत
टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि “हमने भारतीयों सहित सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अपनी तत्काल मांग को दोहराया है। हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद, सूमी में हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया।” 

उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों से शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता रहा है। हमारे प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोनों पक्षों के नेतृत्व से बात की और तत्काल युद्धविराम के लिए हमारे आह्वान को दोहराया और दोनों पक्षों को बातचीत के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों की सराहना की
यूएनएससी में भारत ने कहा कि “हम यूक्रेन से 20,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापसी की सुविधा प्रदान करने में सफल रहे हैं। हमने अन्य देशों के नागरिकों को उनके संबंधित देशों में लौटने में भी सहायता की है। हम आने वाले दिनों में भी ऐसा करने के लिए तैयार रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए 80 से अधिक उड़ानें काम कर रही हैं। हम यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई सहायता की सराहना करते हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत पहले ही यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय आपूर्ति भेज चुका है। इनमें दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। हम अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें भेजने की प्रक्रिया में हैं।

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि “यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति और आगामी मानवीय संकट पर हमें तत्काल ध्यान देना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, पिछले ग्यारह दिनों में 15 लाख शरणार्थियों ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों में शरण मांगी है।” तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि “संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, अब तक 140 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें एक युवा भारतीय छात्र भी शामिल है। भारत उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है और हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम संघर्ष में हर नागरिक के नुकसान पर शोक व्यक्त करते हैं।”

दोनों देश शत्रुता को तत्काल समाप्त कर बातचीत करे: यूएनएससी में भारत

टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि “हमने भारतीयों सहित सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अपनी तत्काल मांग को दोहराया है। हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद, सूमी में हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया।” 

उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों से शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता रहा है। हमारे प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोनों पक्षों के नेतृत्व से बात की और तत्काल युद्धविराम के लिए हमारे आह्वान को दोहराया और दोनों पक्षों को बातचीत के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों की सराहना की

यूएनएससी में भारत ने कहा कि “हम यूक्रेन से 20,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापसी की सुविधा प्रदान करने में सफल रहे हैं। हमने अन्य देशों के नागरिकों को उनके संबंधित देशों में लौटने में भी सहायता की है। हम आने वाले दिनों में भी ऐसा करने के लिए तैयार रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए 80 से अधिक उड़ानें काम कर रही हैं। हम यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई सहायता की सराहना करते हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत पहले ही यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय आपूर्ति भेज चुका है। इनमें दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। हम अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें भेजने की प्रक्रिया में हैं।

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