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संसद का बजट सत्र:  संसदीय समिति ने कहा- चीन का वैकल्पिक निवेश स्थान बनने के लिए कदम उठाएं

वाणिज्य की संसदीय स्थायी समिति ने कहा है कि भारत को चीन में निर्माण करवा रहीं बड़ी वैश्विक कंपनियों का वैकल्पिक निवेश स्थल बनने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।

मंगलवार को वाणिज्य विभाग, वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की अनुदान मांगों (2002-23) पर संसद में पेश अपनी 167वीं रिपोर्ट में समिति ने कहा, यूरोप और अमेरिका की प्रमुख कंपनियों की चीन से इतर अन्य विनिर्माण देशों में स्थानांतरित होने की बढ़ती चाह भारत के व्यापार क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है। इसका फायदा उठाने के लिए सरकार को उपाय तैयार करना चाहिए, जिसमें निवेश के अनुकूल वातावरण और सर्वोत्तम विनिर्माण अवसंरचना सुनिश्चित करने के कदम शामिल हों। 

चीन प्लस वन नीति वाली कंपनियों को लाने की रणनीति बनाएं
राज्यसभा सांसद और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वी विजयसाई रेड्डी के नेतृत्व वाली समिति ने केंद्र को चीन प्लस वन रणनीति के तहत भारत में निवेश की इच्छा रखने वाले देशों के साथ मुक्त/ तरजीही व्यापार समझौतों या एक अंतरिम और लघु व्यापार समझौते करने का सुझाव भी दिया है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में समिति ने वाणिज्य विभाग की 2022-23 के लिए प्रस्तावित अनुदान मांगों पर चर्चा और जांच की है।

कांग्रेस और टीएमसी ने उठाई जम्मू कश्मीर विधानसभा बहाली की मांग
कांग्रेस और टीएमसी ने मंगलवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर का बजट पेश किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह राज्य विधानसभा का काम है। कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं पर ध्यान रखते हुए वहां की विधानसभा को बहाल किया जाए।

बजट पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा, जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार नहीं होना प्रशासनिक पक्षाघात है। पिछले पांच वर्ष और 254 दिन से जम्मू-कश्मीर में या तो राष्ट्रपति शासन रहा है, या उपराज्यपाल सरकार चला रहे हैं। तन्खा ने कहा, बजट लोगों से जुड़ा है, विधानसभा में जनप्रतिनिधि लोग अपनी आकांक्षाओं या विचारों को सामने रखते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह मौका ही नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा को बहाल करने की मांग भी उठाई।

उन्होंने कहा बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को जम्मू-कश्मीर का दौरा करना चाहिए था। तृणमूल कांग्रेस के सांसद एमडी नदीमुल हक ने भी कहा, सात फीसदी के राष्ट्रीय बेरोजगारी औसत की तुलना में जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी 22 फीसदी है। 

अनुच्छेद 370 हटने के बाद भरे गए 11,324 पद
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर से अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 11,324 रिक्त सरकारी पदों को भरा गया है। इन पदों में राजपत्रित व गैर-राजपत्रित अधिकारी व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी के सवाल पर गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया सरकारी भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए त्वरित भर्ती समिति बनाई गई है। 

पीओके में बड़ी संख्या में आतंकी
गृह राज्यमंत्री राय ने बताया, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विभिन्न लॉन्च पैड पर बड़ी तादाद में आतंकी मौजूद हैं। हालांकि सीमा पार से घुसपैठ में पहले से कम आई है। राय ने कहा कि 2020 में 51 घुसपैठ के मुकाबले 2021 में केवल 34 घुसपैठ की घटनाएं हुई। 2019 में यह आंकड़ा 138 था।

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