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काम की बात: 31 मार्च तक जरूर निपटा लें ये पांच काम, पढ़ें कारोबार जगत की कुछ अन्य खास खबरें

काम की बात: 31 मार्च तक जरूर निपटा लें ये पांच काम, पढ़ें कारोबार जगत की कुछ अन्य खास खबरें

सार

31 मार्च, 2022 तक रुपये-पैसे से जुड़े कई ऐसे काम हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इस अवधि तक ऐसा  नहीं किया तो कई सुविधाएं आपको मिलनी बंद हो जाएंगी। इन असुविधाओं से बचने के लिए 31 मार्च, 2022 तक वित्तीय लेनदेन से जुड़े पांच ऐसे प्रमुख कार्य हैं, जिन्हें जरूर पूरा कर लें। ऐसा नहीं करने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है और आयकर विभाग के अधिकारी चाहे तो आपको जेल भी भेज सकते हैं।

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करीब डेढ़ सप्ताह बाद नया वित्त वर्ष 2022-23 शुरू होने वाला है। इससे पहले 31 मार्च, 2022 तक रुपये-पैसे से जुड़े कई ऐसे काम हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इस अवधि तक ऐसा  नहीं किया तो कई सुविधाएं आपको मिलनी बंद हो जाएंगी। पैन कार्ड से जुड़े कोई कार्य नहीं कर सकेंगे। शेयर बाजारों में निवेश करने में दिक्कत होगी। सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा।

इन असुविधाओं से बचने के लिए 31 मार्च, 2022 तक वित्तीय लेनदेन से जुड़े पांच ऐसे प्रमुख कार्य हैं, जिन्हें जरूर पूरा कर लें। ऐसा नहीं करने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है और आयकर विभाग के अधिकारी चाहे तो आपको जेल भी भेज सकते हैं।

आधार-पैन लिंक: आधार और पैन नंबर को लिंक करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 है। अगर आपने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो 31 मार्च से पहले आधार और पैन को लिंक करा सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर पैन नंबर अमान्य हो जाएगा। इससे बचने के लिए ई-फाइलिंग वेबसाइट या यूआईडीपीएन को 567678 या 56161 पर भेज कर आप दोनों को लिंक कर सकते हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) और यूटीआईआईटीएसएल के पैन सेवा केंद्रों के जरिये भी ऑफलाइन लिंक करा सकते हैं।

बिलेटेड आईटीआर : महामारी देखते हुए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की आखिरी तारीख कई बार बढ़ाई गई। आयकर विभाग ने अंतिम बार इसकी अवधि 31 दिसंबर,  2021 निर्धारित की थी।  हालांकि, अगर आप उस समय तक आईटीआर दाखिल नहीं कर सके तो 31 मार्च 2022 तक रिटर्न भर सकते हैं। हालांकि, बिलेटेड आईटी रिटर्न दाखिल करते समय करदाताओं को अतिरिक्त करों के साथ जुर्माना भी देना होगा।

बैंक खाता केवाईसी: आरबीआई ने केवाईसी को पूरा करने की समय-सीमा को 31 दिसंबर, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दी है। केवाईसी  के तहत ग्राहकों से उसके पैन कार्ड, पता जैसे आधार, पासपोर्ट आदि को अपडेट कराने के लिए बैंक कहता है। इसके साथ ही हालिया फोटोग्राफ और अन्य जानकारी मांगी जाती है।

टैक्स सेविंग प्लान: आपने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुना है तो 31 मार्च, 2022 तक टैक्स बचत प्लानिंग कर लें। इससे आप धारा 80सी, 80सीसीडी (1बी)  चिकित्सा बीमा प्रीमियम आदि पर टैक्स बचा सकते हैं।

डाकघर में है खाता: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और सुकन्या समृद्धि में खाता है और आपने चालू वित्त वर्ष के लिए इन खातों में कोई पैसा जमा नहीं किया है तो 31 मार्च तक न्यूनतम जरूरी रकम डालनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खाता बंद हो जाएगा।

क्रिप्टोकरेंसी को भी अब जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। लेनदेन के पूरे मूल्य पर टैक्स लगाने के लिए सरकार जीएसटी कानून के तहत क्रिप्टोकरेंसी को वस्तुओं या सेवाओं के रूप में वर्गीकृत करने पर काम कर रही है।

इस समय सिर्फ क्रिप्टो एक्सचेंज की ओर से दी जाने वाली सेवा पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है और इसे वित्तीय सेवाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किसी लॉटरी, कैसीनो, सट्टेबाजी, जुआ, घुड़दौड़ के समान हैं, जिनके पूरे मूल्य पर 28 फीसदी जीएसटी लागू है। इसके अलावा, सोने में निवेश के मामले में पूरे लेनदेन मूल्य पर तीन फीसदी जीएसटी लगता है। 

टैक्स पर चर्चा शुरुआती चरण में
अधिकारी ने कहा, क्रिप्टो पर जीएसटी लगाने के संबंध में स्पष्टता जरूरी है। हम विचार कर रहे हैं कि क्या जीएसटी पूरे मूल्य पर लगे और क्या वस्तुओं या सेवाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाए। अगर क्रिप्टो के पूरे लेनदेन पर जीएसटी लगता है तो यह दर 0.1 से एक फीसदी के बीच हो सकती है। चर्चा शुरुआती चरण में है।

बजट 2022-23 में क्रिप्टो संपत्तियों पर टैक्स लगाने के संबंध में कुछ स्पष्टता लाई गई है। सरकार इसे विनियमित करने के लिए अलग से एक कानून पर काम कर रही है, लेकिन अभी तक कोई मसौदा सार्वजनिक जारी नहीं किया गया है।

सरकार ने स्टार्टअप के लिए कंपनी में किए कर्ज निवेश को इक्विटी में बदलने की समय-सीमा बढ़ाकर 10 साल कर दी है। इस फैसले से उभरते उद्यमियों को महामारी के प्रभाव से बाहर निकलने में मदद मिलेगी। स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र भी मजबूत बनेगा। अभी तक परिर्वतनीय नोट्स को इन्हें जारी करने की तारीख से पांच साल तक इक्विटी में बदलने की अनुमति थी। अब इसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया। 

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग के एक नोट से यह जानकारी मिली है। दरअसल, कोई निवेशक स्टार्टअप में परिवर्तनीय नोट से निवेश कर सकता है। यह एक प्रकार का बॉन्ड/ऋण उत्पाद होता है। इसमें निवेशक को विकल्प मिलता है कि स्टार्टअप कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहता या भविष्य में वह कोई लक्ष्य हासिल करती है तो निवेशक उससे अपने निवेश के एवज में कंपनी के इक्विटी जारी करने को कह सकता है। विशेषज्ञों ने कहा, परिवर्तनीय नोट स्टार्टअप के लिए शुरुआती चरण के फंडिंग का आकर्षक माध्यम हैं। 

विस्तार

करीब डेढ़ सप्ताह बाद नया वित्त वर्ष 2022-23 शुरू होने वाला है। इससे पहले 31 मार्च, 2022 तक रुपये-पैसे से जुड़े कई ऐसे काम हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इस अवधि तक ऐसा  नहीं किया तो कई सुविधाएं आपको मिलनी बंद हो जाएंगी। पैन कार्ड से जुड़े कोई कार्य नहीं कर सकेंगे। शेयर बाजारों में निवेश करने में दिक्कत होगी। सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा।

इन असुविधाओं से बचने के लिए 31 मार्च, 2022 तक वित्तीय लेनदेन से जुड़े पांच ऐसे प्रमुख कार्य हैं, जिन्हें जरूर पूरा कर लें। ऐसा नहीं करने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है और आयकर विभाग के अधिकारी चाहे तो आपको जेल भी भेज सकते हैं।

आधार-पैन लिंक: आधार और पैन नंबर को लिंक करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 है। अगर आपने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो 31 मार्च से पहले आधार और पैन को लिंक करा सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर पैन नंबर अमान्य हो जाएगा। इससे बचने के लिए ई-फाइलिंग वेबसाइट या यूआईडीपीएन को 567678 या 56161 पर भेज कर आप दोनों को लिंक कर सकते हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) और यूटीआईआईटीएसएल के पैन सेवा केंद्रों के जरिये भी ऑफलाइन लिंक करा सकते हैं।

बिलेटेड आईटीआर : महामारी देखते हुए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की आखिरी तारीख कई बार बढ़ाई गई। आयकर विभाग ने अंतिम बार इसकी अवधि 31 दिसंबर,  2021 निर्धारित की थी।  हालांकि, अगर आप उस समय तक आईटीआर दाखिल नहीं कर सके तो 31 मार्च 2022 तक रिटर्न भर सकते हैं। हालांकि, बिलेटेड आईटी रिटर्न दाखिल करते समय करदाताओं को अतिरिक्त करों के साथ जुर्माना भी देना होगा।

बैंक खाता केवाईसी: आरबीआई ने केवाईसी को पूरा करने की समय-सीमा को 31 दिसंबर, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दी है। केवाईसी  के तहत ग्राहकों से उसके पैन कार्ड, पता जैसे आधार, पासपोर्ट आदि को अपडेट कराने के लिए बैंक कहता है। इसके साथ ही हालिया फोटोग्राफ और अन्य जानकारी मांगी जाती है।

टैक्स सेविंग प्लान: आपने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुना है तो 31 मार्च, 2022 तक टैक्स बचत प्लानिंग कर लें। इससे आप धारा 80सी, 80सीसीडी (1बी)  चिकित्सा बीमा प्रीमियम आदि पर टैक्स बचा सकते हैं।

डाकघर में है खाता: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और सुकन्या समृद्धि में खाता है और आपने चालू वित्त वर्ष के लिए इन खातों में कोई पैसा जमा नहीं किया है तो 31 मार्च तक न्यूनतम जरूरी रकम डालनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खाता बंद हो जाएगा।

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