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एमसीसी अनुदान : अमेरिका बोला- नेपाल में खुलेंगे रोजगार दरवाजे, बिजली आपूर्ति बढ़ेगी, परिवहन लागत घटेगी

एजेंसी, काठमांडो।
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 28 Feb 2022 11:56 PM IST

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अमेरिका ने विवादास्पद वाशिंगटन द्वारा वित्त पोषित 50 करोड़ डॉलर की एमसीसी अनुदान की पुष्टि के लिए नेपाल की सराहना की है। उसने कहा है कि इससे हिमालयी देश में न सिर्फ रोजगार और बिजली की आपूर्ति बढ़ेगी बल्कि परिवहन लागत में भी कमी आएगी। नेपाली संसद ने रविवार को मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) कॉम्पैक्ट को निर्धारित समय सीमा से एक दिन पूर्व पास कर दिया।

नेपाल में अमेरिकी दूतावास ने कहा, संसद ने अपनी हस्ताक्षरित प्रतिबद्धता का पालन करने और समझौते की पुष्टि करने के आज के फैसले पर मुहर लगा दी है, इससे नेपाली लोगों के लिए अधिक रोजगार के मौके बढ़ेंगे और बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति हो सकेगी। साथ ही परिवहन लागत भी घटेगी। 

बयान में कहा गया कि अपनी स्थापना के 20 वर्षों में एमसीसी ने विकासशील देशों के साथ साझेदारी करके दुनिया में गरीबी को कम करने में मदद की है। नेपाल सरकार ने इस समझौते पर 2017 में हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी दूतावास ने कहा, हम हमेशा बदलाव के माध्यम से नेपाल के साथ खड़े रहे हैं और उसका समर्थन करते रहेंगे।

नेपाली संसद के सामने संदिग्ध वस्तु
नेपाल प्रतिनिधि सभा में अमेरिकी परियोजना ‘एमसीसी’ के समर्थन के ठीक एक दिन बाद संसद के सामने एक संदिग्ध वस्तु मिली, जिसके चलते सियासी दुविधा की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि बाद में देश की सेना ने संदिग्ध वस्तु का निस्तारण कर दिया। दरअसल नेपाल सेना के बमरोधक दस्ते ने सड़क पर लगाए गए प्रेशर कुकर को तारों से लिपटा हुआ पाया। इस पर लिखा था ‘नो एमसीसी’। मेट्रोपॉलिटन पुलिस रेंज में एसएसपी सुदीप गिरी ने बताया कि यह सिर्फ भ्रमित करने के लिए किया गया। यह कार्रवाई सियासी विरोध के चलते हड़ताल के दौरान की गई। 

अमेरिका ने विवादास्पद वाशिंगटन द्वारा वित्त पोषित 50 करोड़ डॉलर की एमसीसी अनुदान की पुष्टि के लिए नेपाल की सराहना की है। उसने कहा है कि इससे हिमालयी देश में न सिर्फ रोजगार और बिजली की आपूर्ति बढ़ेगी बल्कि परिवहन लागत में भी कमी आएगी। नेपाली संसद ने रविवार को मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) कॉम्पैक्ट को निर्धारित समय सीमा से एक दिन पूर्व पास कर दिया।

नेपाल में अमेरिकी दूतावास ने कहा, संसद ने अपनी हस्ताक्षरित प्रतिबद्धता का पालन करने और समझौते की पुष्टि करने के आज के फैसले पर मुहर लगा दी है, इससे नेपाली लोगों के लिए अधिक रोजगार के मौके बढ़ेंगे और बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति हो सकेगी। साथ ही परिवहन लागत भी घटेगी। 

बयान में कहा गया कि अपनी स्थापना के 20 वर्षों में एमसीसी ने विकासशील देशों के साथ साझेदारी करके दुनिया में गरीबी को कम करने में मदद की है। नेपाल सरकार ने इस समझौते पर 2017 में हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी दूतावास ने कहा, हम हमेशा बदलाव के माध्यम से नेपाल के साथ खड़े रहे हैं और उसका समर्थन करते रहेंगे।

नेपाली संसद के सामने संदिग्ध वस्तु

नेपाल प्रतिनिधि सभा में अमेरिकी परियोजना ‘एमसीसी’ के समर्थन के ठीक एक दिन बाद संसद के सामने एक संदिग्ध वस्तु मिली, जिसके चलते सियासी दुविधा की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि बाद में देश की सेना ने संदिग्ध वस्तु का निस्तारण कर दिया। दरअसल नेपाल सेना के बमरोधक दस्ते ने सड़क पर लगाए गए प्रेशर कुकर को तारों से लिपटा हुआ पाया। इस पर लिखा था ‘नो एमसीसी’। मेट्रोपॉलिटन पुलिस रेंज में एसएसपी सुदीप गिरी ने बताया कि यह सिर्फ भ्रमित करने के लिए किया गया। यह कार्रवाई सियासी विरोध के चलते हड़ताल के दौरान की गई। 

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