Business

RBI MPC Meeting: होम-कार लोन लेने वालों को झटका, नहीं मिली कोई छूट, यहां जानें एमपीसी बैठक की बड़ी बातें

आरबीआई

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:55 AM IST

सार

Big Things Of RBI MPC Meeting: एमपीसी की बैठक के नतीजों के बारे में बताते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि नीतिगत दरों को एक बार फिर से 4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। वहीं संभावनाओं के विपरीत रिवर्स रेपो दर में भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया। ऐसे में होम लोन या फिर कार लोन लेने वालों को कोई छूट नहीं मिल सकी है। आइए जानते हैं एमपीसी की बैठक में लिए गए बड़े फैसलों के बारे में। 

 

आरबीआई
– फोटो : पीटीआई

ख़बर सुनें

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक के नतीजे सामने आ चुके हैं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने तीन दिवसीय बैठक के दौरान लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की। इस दौरान सबसे बड़ा निर्णय ये लिया गया कि नीतिगत दरों को एक बार फिर से 4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। वहीं संभावनाओं के विपरीत रिवर्स रेपो दर में भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया। ऐसे में होम लोन या फिर कार लोन लेने वालों को कोई छूट नहीं मिल सकी है। आइए जानते हैं एमपीसी की बैठक में लिए गए बड़े फैसलों के बारे में। 

  •  रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी पर यथावत रहेगा। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा। 
  •  इस बार भी उन्हें होम लोन या कार लोन में कोई छूट नहीं मिली है। रिजर्व बैंक की ओर से उन्हें मौजूदा ईएमआई में कोई राहत नहीं दी गई है।
  • अर्थव्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श के बाद वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने का अनुमान है। 
  • आरबीआई ने एलान किया कि ई-रूपी डिजिटल वाउचर की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। 
  • इंफ्रास्ट्रक्चर को सक्षम करने के लिए गवर्नर ने एनएसीएच मैंडेट सीमा को वर्तमान में 1 करोड़ रुपये बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये किया।
  • आरबीआई ने हेल्थकेयर, कॉन्टैक्ट इंटेंसिव सेक्टर के लिए ऑन-टैप लिक्विडिटी स्कीम को तीन महीने बढ़ाने का फैसला किया। 
  • बैठक के बाद कहा गया कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।
  • शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों को प्रशासन और जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना चाहिए, सेंट्रल बैंक का लिक्विडिटी रीबैलेंसिंग पर फोकस है।  
  • आरबीआई की ओर से बैठक के नतीजे बताते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने अकोमडेटिव रूख रखने का फैसला किया है।

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top
%d bloggers like this: