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ब्रिक्स बैंक का एलान: मिस्र को बनाएगा नया सदस्य, विकास से संबंधित सहयोग के लिए मिलेगा नया मंच

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 29 Dec 2021 08:31 PM IST

सार

अपनी वैश्विक पहुंच को और विस्तारित करते हुए ब्रिक्स देशों की ओर से स्थापित किए गए न्यू डेवलपमेंट बैंक ने मिस्र को अपना नया सदस्य बनाने का एलान किया है।

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ब्रिक्स (BRICS) न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि यह मिस्र को अपने नए सदस्य के तौर पर जोड़ेगा। मिस्र एनडीबी में शामिल होने वाला चौथा नया सदस्य होगा। इससे पहले अपनी वैश्विक पहुंच को विस्तारित करते हुए एनडीबी बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और उरुग्वे को सदस्य बना चुका है। 

एनडीबी के अध्यक्ष मार्कोस त्रोयजो ने कहा, ‘हम एनडीबी परिवार में मिस्र का स्वागत करके बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। हम बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और सतत विकास को लेकर निवेश से संबंधित जरूरतों में सहयोग देने के लिए उत्सुक हैं।’ एनडीबी मिस्र नो ब्रिक्स देशों के सहयोग से मदद का एक नया मंच उपलब्ध कराएगा।

80 परियोजनाओं को अनुमति दे चुका है एनडीबी
बैंक की सदस्यता तब प्रभाव में आती है जब शामिल किए गए देश की ओर से घरेलू प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाती हैं और परिग्रहण का साधन जमा कर दिया जाता है। छह साल पहले अपनी स्थापना के बाद से एनडीबी अपने सदस्यों के लिए 80 परियोजनाओं को अनुमति दे चुका है। इनका कुल पोर्टफोलियो 30 अरब अमेरिकी डॉलर का है।

इन परियोजनाओं में परिवहन, जल एवं साफ-सफाई, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल व सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। एनडीबी का मुख्यालय चीन के शंघाई शहर में है। इसकी स्थापना ब्रिक्स देशों यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। इसकी औपचारिक शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी।

विस्तार

ब्रिक्स (BRICS) न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि यह मिस्र को अपने नए सदस्य के तौर पर जोड़ेगा। मिस्र एनडीबी में शामिल होने वाला चौथा नया सदस्य होगा। इससे पहले अपनी वैश्विक पहुंच को विस्तारित करते हुए एनडीबी बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और उरुग्वे को सदस्य बना चुका है। 

एनडीबी के अध्यक्ष मार्कोस त्रोयजो ने कहा, ‘हम एनडीबी परिवार में मिस्र का स्वागत करके बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। हम बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और सतत विकास को लेकर निवेश से संबंधित जरूरतों में सहयोग देने के लिए उत्सुक हैं।’ एनडीबी मिस्र नो ब्रिक्स देशों के सहयोग से मदद का एक नया मंच उपलब्ध कराएगा।

80 परियोजनाओं को अनुमति दे चुका है एनडीबी

बैंक की सदस्यता तब प्रभाव में आती है जब शामिल किए गए देश की ओर से घरेलू प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाती हैं और परिग्रहण का साधन जमा कर दिया जाता है। छह साल पहले अपनी स्थापना के बाद से एनडीबी अपने सदस्यों के लिए 80 परियोजनाओं को अनुमति दे चुका है। इनका कुल पोर्टफोलियो 30 अरब अमेरिकी डॉलर का है।

इन परियोजनाओं में परिवहन, जल एवं साफ-सफाई, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल व सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। एनडीबी का मुख्यालय चीन के शंघाई शहर में है। इसकी स्थापना ब्रिक्स देशों यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। इसकी औपचारिक शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी।

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