videsh

दौरा: अगले हफ्ते रायसीना वार्ता में भाग लेने भारत आएंगी नॉर्वेई विदेश मंत्री

एजेंसी, ओस्लो।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 21 Apr 2022 01:47 AM IST

सार

नॉर्वे के विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड भारत के वार्षिक भू-राजनीतिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग में भाग लेने के अलावा द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगी।

ख़बर सुनें

नॉर्वे के विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड 25 से 27 अप्रैल तक भारत यात्रा पर आएंगी। वह अपने साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली में रायसीना संवाद में भाग लेंगी। नॉर्वे अन्य चीजों के अलावा भारत के साथ समुद्र, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु और पर्यावरण पर सहयोग करता है।

भारत के वार्षिक भू-राजनीतिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग में भाग लेने के अलावा, वह द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगी। नॉर्वे का लक्ष्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली और कानूनी व्यवस्था में योगदान देने के लिए भारत के साथ सहयोग को बढ़ाना है। 

हुइटफेल्ट ने कहा, दोनों देश जलवायु और पर्यावरण पर समान महत्वाकांक्षाएं साझा करते हैं। क्षेत्र में भारतीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा व हाइड्रोजन उत्पादन का बड़े पैमाने पर विकास जरूरी है। इसके लिए देश को विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की जरूरत है। इससे नॉर्वेई व्यापार-उद्योग के लिए व्यापक अवसर खुलते हैं। इस कारण कई नॉर्वेई कंपनियां यात्रा में हिस्सा लेंगी।

विस्तार

नॉर्वे के विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड 25 से 27 अप्रैल तक भारत यात्रा पर आएंगी। वह अपने साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली में रायसीना संवाद में भाग लेंगी। नॉर्वे अन्य चीजों के अलावा भारत के साथ समुद्र, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु और पर्यावरण पर सहयोग करता है।

भारत के वार्षिक भू-राजनीतिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग में भाग लेने के अलावा, वह द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगी। नॉर्वे का लक्ष्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली और कानूनी व्यवस्था में योगदान देने के लिए भारत के साथ सहयोग को बढ़ाना है। 

हुइटफेल्ट ने कहा, दोनों देश जलवायु और पर्यावरण पर समान महत्वाकांक्षाएं साझा करते हैं। क्षेत्र में भारतीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा व हाइड्रोजन उत्पादन का बड़े पैमाने पर विकास जरूरी है। इसके लिए देश को विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की जरूरत है। इससे नॉर्वेई व्यापार-उद्योग के लिए व्यापक अवसर खुलते हैं। इस कारण कई नॉर्वेई कंपनियां यात्रा में हिस्सा लेंगी।

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

12
videsh

अमेरिका : बिहार फाउंडेशन का ईस्ट कोस्ट चैप्टर न्यूयॉर्क में शुरू, प्रवासियों को राज्य से जोड़ने की पहल

To Top
%d bloggers like this: