न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 02 Jan 2022 11:59 AM IST
सार
किसी भी फ्लाइट को उड़ान भरने के लिए एटीसी की क्लियरेंस की जरूरत होती है। इस दौरान पायलट को बताया जाता है कि रनवे क्लियर है या नहीं और कोई इमरजेंसी फ्लाइट तो लैंड नहीं होने वाली है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
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विस्तार
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 30 दिसंबर को स्पाइस जेट की फ्लाइट के पायलट ने एटीसी से टेक-ऑफ की मंजूरी नहीं ली थी, इसके बाद भी उसने दिल्ली के लिए उड़ान भर दी। राजकोट एयपोर्ट के डॉयरेक्ट ने बताया कि मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार करके डीजीसीए के पास भेजी गई है।
टेक-ऑफ के बाद मांगी माफी
एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजकोट एयरपोर्ट पर फ्लाइट एसजी-3703 का दिल्ली के लिए टेक-ऑफ का समय हो गया था। लिहाजा, पायलट को उड़ान भरने के लिए एटीसी से अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन उसने बिना अनुमति के ही उड़ान भर दी। इसके बाद जब एटीसी ने पायलट से बिना अनुमति के उड़ान भरने की वजह पूछी तो पायलट ने माफी मांगते हुए कहा कि-उससे गलती हुई है। यह बातचीत तब हुई, जब फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी।
जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया पायलट
नियमानुसार, किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने से पहले एटीसी से अनुमति लेनी होती है। इस दौरान एटीसी, पायलट को रनवे के खाली होने या भरे होने की जानकारी देता है साथ ही यह भी बताता है कि कोई इमरजेंसी फ्लाइट तो लैंड नहीं करने वाली है। इसके बाद ही पायलट को उड़ान भरने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद पायलट को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया गया है।
