एजेंसी, मॉस्को।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 20 Jan 2022 12:30 AM IST
सार
रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की मंशा से इनकार किया है, लेकिन उसने पश्चिमी देशों से गारंटी की मांग की है कि नाटो यूक्रेन या अन्य पूर्व सोवियत देशों में अपना विस्तार नहीं करेगा या अपने सैनिक और हथियार वहां नहीं रखेगा।
रूसी सैनिक (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
रूस देश के सुदूर पूर्वी हिस्से में तैनात सैनिकों को बड़े युद्धाभ्यास के लिए बेलारूस भेज रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी देशों में हमले के डर के बीच इस तैनाती से यूक्रेन के पास रूसी सैन्य साजो-सामान की संख्या और बढ़ गई है। रूसी उप रक्षामंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने बताया कि युद्धाभ्यास का मकसद रूस और बेलारूस के गठबंधन द्वारा बाहरी खतरों से निपटना है।
इस बीच, यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस अपने सहयोगी बेलारूस के क्षेत्र सहित विभिन्न दिशाओं से हमला कर सकता है। इस तैनाती से यूक्रन के पास टैंकों और अन्य भारी हथियारों के साथ मौजूद 1,00,000 सैनिकों की ताकत और बढ़ जाएगी। पश्चिमी देशों को डर है कि यह हमले से पहले की तैयारी हो सकती है।
हालांकि रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की मंशा से इनकार किया है, लेकिन उसने पश्चिमी देशों से गारंटी की मांग की है कि नाटो यूक्रेन या अन्य पूर्व सोवियत देशों में अपना विस्तार नहीं करेगा या अपने सैनिक और हथियार वहां नहीं रखेगा। उधर, अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा है कि यूएस को यूक्रेन में हथियारों की आपूर्ति योजना तुरंत बंद करना चाहिए।
तनाव के बीच यूक्रेन पहुंचे ब्लिंकन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन यूक्रेन तनाव को लेकर इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में रूस के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। ब्लिंकेन बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदिमिर जेलेंस्की से मिलने कीव पहुंचे हैं। उनका मकसद यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन दिखाना और क्षेत्र में तनाव कम करने की जरूरत बताना है। वे इसके बाद बर्लिन जाएंगे और जिनेवा में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे।
विस्तार
रूस देश के सुदूर पूर्वी हिस्से में तैनात सैनिकों को बड़े युद्धाभ्यास के लिए बेलारूस भेज रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी देशों में हमले के डर के बीच इस तैनाती से यूक्रेन के पास रूसी सैन्य साजो-सामान की संख्या और बढ़ गई है। रूसी उप रक्षामंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने बताया कि युद्धाभ्यास का मकसद रूस और बेलारूस के गठबंधन द्वारा बाहरी खतरों से निपटना है।
इस बीच, यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस अपने सहयोगी बेलारूस के क्षेत्र सहित विभिन्न दिशाओं से हमला कर सकता है। इस तैनाती से यूक्रन के पास टैंकों और अन्य भारी हथियारों के साथ मौजूद 1,00,000 सैनिकों की ताकत और बढ़ जाएगी। पश्चिमी देशों को डर है कि यह हमले से पहले की तैयारी हो सकती है।
हालांकि रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की मंशा से इनकार किया है, लेकिन उसने पश्चिमी देशों से गारंटी की मांग की है कि नाटो यूक्रेन या अन्य पूर्व सोवियत देशों में अपना विस्तार नहीं करेगा या अपने सैनिक और हथियार वहां नहीं रखेगा। उधर, अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा है कि यूएस को यूक्रेन में हथियारों की आपूर्ति योजना तुरंत बंद करना चाहिए।
तनाव के बीच यूक्रेन पहुंचे ब्लिंकन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन यूक्रेन तनाव को लेकर इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में रूस के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। ब्लिंकेन बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदिमिर जेलेंस्की से मिलने कीव पहुंचे हैं। उनका मकसद यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन दिखाना और क्षेत्र में तनाव कम करने की जरूरत बताना है। वे इसके बाद बर्लिन जाएंगे और जिनेवा में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे।
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