साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार अभिनेता रजनीकांत हर साल 12 दिसंबर को अपना जन्मदिन मनाते हैं। अपनी बेहतरीन अदाकारी और अनोखे अंदाज के कारण रजनीकांत आज सिर्फ साउथ ही नहीं बल्कि पूरे देश में पहचाने जाते हैं। उनकी फैन लिस्ट भी काफी लंबी चौड़ी है। रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर, 1950 को बेंगलुरू के एक गरीब परिवार में हुआ था। चार भाई-बहनों में रजनीकांत सबसे छोटे थे। रजनीकांत की असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है।
उनके पिता रामोजी राव गायकवाड़ हवलदार थे। मां जीजाबाई की मौत के बाद उनका परिवार बिखर सा गया। घर के हालत देखते हुए रजनीकांत ने कुली का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बढ़ई का काम किया और काफी समय बाद वह बेंगलुरू परिवहन सेवा (बीटीएस) में बस कंडक्टर की नौकरी करने लगे। लेकिन अभिनय में अपनी रुचि के चलते उन्होंने साल 1973 में मद्रास फिल्म संस्थान में एडमिशन लिया और अभिनय में डिप्लोमा लिया।
23 अगस्त, 1975 को रजनीकांत की पहली फिल्म अपूर्वा रागंगल रिलीज हुई थी। रजनीकांत ने अपनी पहली ही फिल्म से अलग पहचान बनानी शुरु कर दी थी। इसके बाद अभिनेता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और फिर साउथ ही नहीं पूरे देश में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली। इसके बाद रजनीकांत ने साल 1983 में फिल्म अंधा कानून से अपने बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया। इस फिल्म में उनके साथ हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन भी नजर आए थे।
इसके बाद रजनीकांत ने बॉलीवुड में ‘मेरी अदालत’, ‘जान जॉनी जनार्दन’, ‘भगवान दादा’, ‘दोस्ती दुश्मनी’, ‘इंसाफ कौन करेगा’, ‘असली नकली’, ‘हम’, ‘खून का कर्ज’, ‘क्रांतिकारी’, ‘अंधा कानून’, ‘चालबाज’, ‘इंसानियत का देवता’, रॉबोट जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों में दिल में एक अलग ही पहचान बनाई।
निजी जिंदगी की बात करें तो रजनीकांत ने खदु से 8 साल छोटी लता रंगाचारी से शादी की। दोनों की मुलाकात लता के एक कॉलेज मैगजीन के लिए रजनीकांत के इंटरव्यू के दौरान हुई। खबरों के मुताबिक लता को देखते ही रजनीकांत को उनसे प्यार हो गया था। इसके बाद साल 1981 में दोनों ने शादी कर ली। इस शादी से उनकी दो बेटियां ऐश्वर्या और सौंदर्या भी हैं।
सिनेमा जगत में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए रजनीकांत को 2014 में छह तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड्स से नवाजा गया। इसके अलावा रजनीकांत को साल 2000 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। साथ ही 45वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (2014) में रजनीकांत को सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म पर्सनेल्टिी ऑफ द ईयर से भी सम्मानित किया गया। इसका अलावा उन्हें सिनेमा जगत के सबसे बड़े सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया।
