समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार कई तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसके तहत लोगों को तमाम तरह की सुविधाएं और आर्थिक मदद दी जा रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है पीएम स्वनिधि योजना। इसके तहत रेहड़ी-पटरी, ठेला आदि लगाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 10 हजार रुपये का लोन दिया जाता है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एक ऐसी स्कीम है, जिसके तहत उन लोगों को मदद मिलती है जो कोरोनाकाल में प्रभावित हुए हैं या अपना रोजगार खो चुके हैं। दरअसल, कोरोना की सबसे ज्यादा मार दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ी थी। कुछ लोग रेहड़ी-पटरी या फिर खोमचा लगाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे, उनका कारोबार अब तक शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत ऐसे लोगों को फिर से अपना रोजगार शुरू करने क लिए मदद दी जाती है। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से…
- इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलता है जो सड़क किनारे ठेला, रेहड़ी, पटरी, खोमचा, गुमटी लगाकर अपना और अपने परिवार का गुजारा करते हैं। इसके तहत 10 हजार रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।
- इस योजना के तहत लोन लेने वाले का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी है।
- ये लोन उन्हीं लोगों को मिलेगा जो 24 मार्च 2020 या उससे पहले इस तरह के कार्य में लगे थे।
- इस योजना के तहत लोन लेने की अवधि मार्च 2022 तक ही है इसलिए जल्दी ही इसकी प्रक्रिया पूरी कर लें।
- स्ट्रीट वेंडर्स चाहे शहरी हों या सेमी अर्बन, ग्रामीण हों, उन्हें ये लोन मिल सकता है।
- सरकार की इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को एक साल के लिए दस हजार रुपये तक का कोलेट्रल फ्री लोन मिल सकता है। मतलब ये कि इस योजना में आपको लोन लेने के लिए किसी भी तरह की गारंटी नहीं देनी होगी। सबसे बड़ी बात इसमें आप लोन का पेमेंट मंथली किस्तों में कर सकते हैं।
- लोन लेने वाले लोगों को एक साल में किस्तों में ये लोन चुकाना होगा। जो लोग समय पर लोन चुकाएंगे उनके अकाउंट में 7 फीसदी का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर ट्रांसफर होगा।
