फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय से पहचान बनाने वाली विद्या बालन का आज जन्मदिन है। विद्या का जन्म 1 जनवरी 1979 को मुंबई में हुआ था। सातवीं क्लास में पढ़ने के दौरान विद्या बालन ने माधुरी दीक्षित को ‘तेजाब’ फिल्म में नाचते हुए देखा था तो उन्होंने एक्ट्रेस बनने का सपना देखा। विद्या ने महज 16 साल की उम्र में ही एकता कपूर के टीवी सीरियल हम पांच से अपने करियर की शुरुआत की लेकिन विद्या अपना करियर फिल्मों में बनाना चाहती थीं। मलयालम और तमिल फिल्मों में कई प्रयासों के बाद भी वो असफल रहीं।
पहली फिल्म में मोहनलाल के साथ मिला काम करने का मौका
विद्या बालन जब शुरुआत में फिल्मों में अभिनय से लिए संघर्ष कर रही थीं तब उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता मोहनलाल के साथ मलयालम फिल्म में काम करने का मौका मिला था। हालांकि ये फिल्म किसी कारणवश बंद हो गई और इसके लिए विद्या बालन को जिम्मेदार ठहराया गया साथ ही उन्हें मनहूस भी कहा गया।
विद्या बालन कभी अपनी बॉडी से बेहद नफरत करती थीं। दरअसल विद्या बालन को उनकी बॉडी के लिए इतना ट्रोल किया गया कि उन्हें अपने शरीर से ही नफरत होने लगी थी। विद्या ने बताया था, मुझे खुद पर ही शक होने लगा था। मैंने अपने शरीर से लंबी लड़ाई लड़ी है। मैं काफी गुस्सा थी और अपनी बॉडी से नफरत भी करती थी। विद्या ने कहा वजन कम करने के बाद भी जिंदगी में कई मौकों पर मैंने महसूस किया कि मुझे किसी ने ‘पूरी तरह स्वीकार’ नहीं किया और इसलिए किसी दूसरे के नजरिए से खुद में बदलाव लाने की कोई जरूरत नहीं है। विद्या का कहना है कि लोगों की छोटी सोच के लिए वो जिम्मेदार नहीं हैं।
विद्या बालन जीटीवी के कॉमेडी शो ‘हम पांच’ में राधिका माथुर के किरदार में नजर आईं, लेकिन उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली। इसी बीच उन्हें फिल्म ‘परिणिता’ मिला जिसके बाद सब कुछ बदल गया। फिल्म ‘हे बेबी’ और ‘किस्मत कनेक्शन’ में बढ़े वजन और विद्या के पहनावे को लेकर उनकी काफी आलोचना की गई। इस बात से विद्या इतनी निराश हुईं कि उन्होंने इंडस्ट्री को छोड़ देने का फैसला कर लिया।
निभाया एडल्ट एक्ट्रेस का किरदार
साल 2011 में आई फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ ने विद्या की किस्मत बदल दी। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। बता दें कि विद्या ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘डर्टी पिक्चर में सिल्क स्मिता के किरदार में ढल पाना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था। हम दोनों का व्यक्तित्व एक-दूसरे से बिल्कुल अलग था।
