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Budget 2022: कुछ देर में सीतारमण पेश करेंगी बजट, यहां जानें इससे जुड़ी बड़ी बातें और जनता की उम्मीदें

Budget 2022: कुछ देर में सीतारमण पेश करेंगी बजट, यहां जानें इससे जुड़ी बड़ी बातें और जनता की उम्मीदें

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 01 Feb 2022 10:45 AM IST

सार

Budget 2022 Big Announcement Possible Regarding GST: वस्तु और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) के निर्माण से अप्रत्यक्ष कर मुकदमों के शीघ्र समाधान हो सकेगा, क्योंकि मौजूदा वक्त में जीएसटी का कोई अलग ट्रिब्यूनल ना होने के कारण करदाताओं को उच्च न्यायालयों में याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो कि महंगा और काफी वक्त लेने वाला होता है। 

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कुछ ही देर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट 2022 पेश करेंगी। माना जा रहा है कि इस बार बजट में करदाताओं, किसानों से लेकर रेल तक के लिए बड़े एलान हो सकते हैं। वित्त मंत्री जीएसटी को लेकर भी एक बड़ा एलान कर सकती हैं, जिसमें जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में जीएसटी की दर में कटौती की भी घोषणा की जा सकती है। 

जीएसटीएटी से ये होगा फायदा 
वस्तु और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) के निर्माण से अप्रत्यक्ष कर मुकदमों के शीघ्र समाधान हो सकेगा, क्योंकि मौजूदा वक्त में जीएसटी का कोई अलग ट्रिब्यूनल ना होने के कारण करदाताओं को उच्च न्यायालयों में याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो कि महंगा और काफी वक्त लेने वाला होता है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बजट 2022 में सरकार का ध्यान अनुपालन बोझ को कम करने, मुकदमेबाजी जल्द हल करने और व्यापारियों के जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित रहेगा करेगी, लिहाजा इसी के अनुरूप सरकार जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने की घोषणा की जा सकती है। 

धारा 109 के तहत अधिकारी
गौरतलब है कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 109 केंद्र को एक अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन करने का अधिकार देती है। उक्त धारा सरकार को शक्ति प्रदान करती है कि वह परिषद की सिफारिश पर अधिसूचना जारी करेगी और सिफारिश में विनिर्दिष्ट तारीख से प्रभावी बनाते हुए वस्तु एवं सेवा कर अपील के रूप में पारित किए गए आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई करेगा। सार्वजनिक मंच होने के कारण न्यायाधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि जीएसटी के अंतर्गत उत्पन्न विवादों के समाधान में एकरूपता आए और इस प्रकार समूचे देश में जीएसटी को समान रूप से कार्यान्वित किया जा सकेगा।

ये बड़ी घोषणाएं भी संभव
इसके अलावा 80 सी में छूट और टैक्स स्लैब में आठ साल बाद बदलाव होना संभव है। इसके अलावा एमएसएमई को कोरोना की मार से उभारने के लिए बड़ी घोषणाएं भी की जा सकती हैं। दरअसल, सरकार के सामने रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसलिए लोगों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है। इसके साथ ही सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि को भी 6000 से बढ़ाकर 8000 करने का एलान कर सकती है। 
 

विस्तार

कुछ ही देर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट 2022 पेश करेंगी। माना जा रहा है कि इस बार बजट में करदाताओं, किसानों से लेकर रेल तक के लिए बड़े एलान हो सकते हैं। वित्त मंत्री जीएसटी को लेकर भी एक बड़ा एलान कर सकती हैं, जिसमें जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में जीएसटी की दर में कटौती की भी घोषणा की जा सकती है। 

जीएसटीएटी से ये होगा फायदा 

वस्तु और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) के निर्माण से अप्रत्यक्ष कर मुकदमों के शीघ्र समाधान हो सकेगा, क्योंकि मौजूदा वक्त में जीएसटी का कोई अलग ट्रिब्यूनल ना होने के कारण करदाताओं को उच्च न्यायालयों में याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो कि महंगा और काफी वक्त लेने वाला होता है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बजट 2022 में सरकार का ध्यान अनुपालन बोझ को कम करने, मुकदमेबाजी जल्द हल करने और व्यापारियों के जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित रहेगा करेगी, लिहाजा इसी के अनुरूप सरकार जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने की घोषणा की जा सकती है। 

धारा 109 के तहत अधिकारी

गौरतलब है कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 109 केंद्र को एक अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन करने का अधिकार देती है। उक्त धारा सरकार को शक्ति प्रदान करती है कि वह परिषद की सिफारिश पर अधिसूचना जारी करेगी और सिफारिश में विनिर्दिष्ट तारीख से प्रभावी बनाते हुए वस्तु एवं सेवा कर अपील के रूप में पारित किए गए आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई करेगा। सार्वजनिक मंच होने के कारण न्यायाधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि जीएसटी के अंतर्गत उत्पन्न विवादों के समाधान में एकरूपता आए और इस प्रकार समूचे देश में जीएसटी को समान रूप से कार्यान्वित किया जा सकेगा।

ये बड़ी घोषणाएं भी संभव

इसके अलावा 80 सी में छूट और टैक्स स्लैब में आठ साल बाद बदलाव होना संभव है। इसके अलावा एमएसएमई को कोरोना की मार से उभारने के लिए बड़ी घोषणाएं भी की जा सकती हैं। दरअसल, सरकार के सामने रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसलिए लोगों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है। इसके साथ ही सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि को भी 6000 से बढ़ाकर 8000 करने का एलान कर सकती है। 

 

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