Tech

रूस-यूक्रेन जंग: एपल के बाद माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा एक्शन, अब रूस में नहीं बिकेंगे कंपनी के प्रोडक्ट

सार

माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल फिलहाल पूरी दुनिया में एक अरब से अधिक यूजर्स कर रहे हैं। रूस में सेल और सर्विस के बंद होने से लाखों यूजर्स प्रभावित होंगे।

ख़बर सुनें

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही है जंग के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ा कदम उठाया है। Microsoft ने कहा है कि वह रूस में अपने प्रोडक्ट की बिक्री और सेवाएं बंद कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने यह घोषणा मास्को पर रूस के अटैक के बीच की है। इससे पहले पश्चिमी देशों की सरकारों, खेल संगठनों और बड़ी कंपनियों ने भी रूस के इस हमले की निंदा की है और कई तरह के प्रतिबंध लगाएं हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल फिलहाल पूरी दुनिया में एक अरब से अधिक यूजर्स कर रहे हैं। रूस में सेल और सर्विस के बंद होने से लाखों यूजर्स प्रभावित होंगे। माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह हम यूक्रेन में युद्ध से आने वाली तस्वीरों और खबरों से भयभीत, क्रोधित और दुखी हैं। हम रूस द्वारा इस अनुचित, अकारण और गैरकानूनी आक्रमण की निंदा करते हैं।”

एपल ने भी बंद की रूस में प्रोडक्ट की बिक्री
इससे पहले पिछले सप्ताह एपल ने कहा था कि उसने रूस में अपने सभी प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी है। रूस में अपने प्रोडक्ट की बिक्री बंद करने के अलावा एपल ने रूस के न्यूज एएप्स RT और स्पूतनिक के एप को भी अपने एप स्टोर से हटा दिया है। एपल की एपल पे सर्विस भी रूस में बंद है। एपल ने यह फैसला यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री मायखाइलो फेडोरोव की एक चिट्ठी के बाद लिया है।

अमेरिका ने रूस के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने यहां के प्रोडक्ट का रूस में निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने यह प्रतिबंध उन प्रोडक्ट पर भी लगाया है जिनके ब्रांड रूस के हैं, लेकिन प्रोडक्शन अमेरिका में होता है। इस प्रतिबंध से अमेरिकन कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है।

अमेरिका ने ये प्रतिबंध अमेरिकी व्यापार कानून के तहत लगाए हैं। अमेरिकी कंपनियों को अब कंप्यूटर, सेंसर, लेजर, नेविगेशन उपकरण, और दूरसंचार, एयरोस्पेस और समुद्री उपकरण रूस को बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना होगा। अमेरिका ने इसी तरह का प्रतिबंध कुछ साल पहले चाइनीज कंपनी हुवावे पर लगाया था जिससे हुवावे को काफी नुकसान हुआ।

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही है जंग के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ा कदम उठाया है। Microsoft ने कहा है कि वह रूस में अपने प्रोडक्ट की बिक्री और सेवाएं बंद कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने यह घोषणा मास्को पर रूस के अटैक के बीच की है। इससे पहले पश्चिमी देशों की सरकारों, खेल संगठनों और बड़ी कंपनियों ने भी रूस के इस हमले की निंदा की है और कई तरह के प्रतिबंध लगाएं हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल फिलहाल पूरी दुनिया में एक अरब से अधिक यूजर्स कर रहे हैं। रूस में सेल और सर्विस के बंद होने से लाखों यूजर्स प्रभावित होंगे। माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह हम यूक्रेन में युद्ध से आने वाली तस्वीरों और खबरों से भयभीत, क्रोधित और दुखी हैं। हम रूस द्वारा इस अनुचित, अकारण और गैरकानूनी आक्रमण की निंदा करते हैं।”

एपल ने भी बंद की रूस में प्रोडक्ट की बिक्री

इससे पहले पिछले सप्ताह एपल ने कहा था कि उसने रूस में अपने सभी प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी है। रूस में अपने प्रोडक्ट की बिक्री बंद करने के अलावा एपल ने रूस के न्यूज एएप्स RT और स्पूतनिक के एप को भी अपने एप स्टोर से हटा दिया है। एपल की एपल पे सर्विस भी रूस में बंद है। एपल ने यह फैसला यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री मायखाइलो फेडोरोव की एक चिट्ठी के बाद लिया है।

अमेरिका ने रूस के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने यहां के प्रोडक्ट का रूस में निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने यह प्रतिबंध उन प्रोडक्ट पर भी लगाया है जिनके ब्रांड रूस के हैं, लेकिन प्रोडक्शन अमेरिका में होता है। इस प्रतिबंध से अमेरिकन कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है।


अमेरिका ने ये प्रतिबंध अमेरिकी व्यापार कानून के तहत लगाए हैं। अमेरिकी कंपनियों को अब कंप्यूटर, सेंसर, लेजर, नेविगेशन उपकरण, और दूरसंचार, एयरोस्पेस और समुद्री उपकरण रूस को बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना होगा। अमेरिका ने इसी तरह का प्रतिबंध कुछ साल पहले चाइनीज कंपनी हुवावे पर लगाया था जिससे हुवावे को काफी नुकसान हुआ।

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

8
Desh

उत्तर प्रदेश चुनाव: क्या दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह अपनी साख बचाने में कामयाब हो पाएंगे आरपीएन सिंह?

To Top
%d bloggers like this: