आज की इस उपभोक्तावादी संस्कृति में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जम कर किया जा रहा है। लोग बड़े पैमाने पर चीजों की खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं। इसी वजह से बीते कुछ सालों में इसका चलन काफी बढ़ा है। आजकल तो कई बड़ी ई कॉमर्स कंपनियां क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के लिए बड़े बड़े ऑफर्स भी देती हैं। इस कारण कई लोग इन लुभावने ऑफर का लाभ उठाने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड को जनरेट करते हैं। हालांकि लोगों को ये पता नहीं होता कि क्रेडिट कार्ड एक कर्ज है। अगर आप समय पर इसका भुगतान नहीं करते तो आपका सिबिल स्कोर खराब होता है। ऐसे में आपको काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसी कड़ी में आज हम आपको उन बातों का बताने वाले हैं, जिनका क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते वक्त विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से –
एटीएम के जरिए कैश निकालना
क्रेडिट कार्ड से किए गए भुगतान के लिए आपको एक महीने का समय मिलता है। वहीं एटीएम से कैश निकालने पर आपको भुगतान के लिए कोई समय नहीं मिलता है। कैश निकालने के तुरंत बाद ब्याज लगने की शुरुआत हो जाती है। ये ब्याज दर 2.5 से 3.5 प्रतिशत महीना हो सकती है। वहीं इस पर फ्लैट ट्रांजेक्शन भी देना होता है।
लिमिट से अधिक ना करें खर्च
अक्सर लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल उसकी लिमिट से भी ज्यादा करने लगते हैं। क्रेडिट कार्ड की लिमिट से अधिक खर्च करने पर कंपनी द्वारा इस पर चार्ज वसूला जाता है। वहीं दूसरी तरफ अगर आप लिमिट के 30 प्रतिशत से ज्यादा खर्च करते हैं, तो ऐसे में आपका सिबिल स्कोर भी खराब होता है।
इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन
अगर आप विदेश यात्रा पर हैं और वहां पर अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ट्राजैक्शन के लिए करते हैं, तो ऐसे में आपको फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शन फीस को चुकाना पड़ेगा। इस पर एक्सचेंज्ड रेट का भी असर पड़ता है।
मिनिमम ड्यू का भुगतान
क्रेडिट कार्ड के बिल दो तरह से ड्यू होते हैं। पहला टोटल अमाउंट ड्यू और दूसरा मिनिमम अमाउंट ड्यू। मिनिमम अमाउंट ड्यू को चुकाने पर कार्ड ब्लॉक नहीं होता है। इसका इस्तेमाल आप ड्यू डेट के बाद भी कर सकते हैं। हालांकि इसके बाद आपके ऊपर मोटा ब्याज लगेगा। ऐसे में क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करते वक्त टोटल ड्यू अमाउंट का भी जरूर भुगतान करें।
