मोदी सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद कंगना ने किसान आंदोलन की तुलना खालिस्तानी आंदोलन से की थी। जिसके बाद देश के अलग अलग इलाकों में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई है। बीते रोज ही सिख समुदाय (Sikh Community) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में कंगना के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने FIR दर्ज की है। अब बुधवार को कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर जानकारी दी है कि उनके खिलाफ आज भी एक एफआईआर दर्ज हुई है। हालांकि कंगना को इससे जरा भी फर्क नहीं पड़ता है।
क्या कहा था कंगना ने
कंगना रणौत ने किसान मुद्दे को लेकर अपने फेसबुक अकाउंट से एक विवादित पोस्ट में लिखा था ‘खालिस्तानी आतंकवादी आज भले ही सरकार का हाथ मरोड़ रही हो, लेकिन उस महिला (इंदिरा गांधी) को नहीं भूलना चाहिए, जिसने अपनी जूती के नीचे इन्हें कुचल दिया था, लेकिन अपनी जान की कीमत पर उन्हें मच्छरों की तरह कुचल दिया, मगर देश के टुकड़े नहीं होने दिए, उनकी मृत्यु के दशक के बाद भी, आज भी उसके नाम से कांपते हैं ये, इनको वैसा ही गुरु चाहिए।
एक दिन पहले कंगना के खिलाफ भोईवाडा पुलिस स्टेशन दादर में एक शिकायत दर्ज की गई थी। जिसमें IPC के सेक्शन 153, 153A,153B, 504, 505, 505(2) और IT एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया गया। सिखों को लेकर दिए बयान के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने कंगना के खिलाफ देशद्रोह और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
नाखुश हैं कंगना
तीनों कृषि कानून वापस लेने के सरकार के फैसले से कंगना निराश हैं। कंगना ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी साझा करते हुए लिखा था, ‘दुखद, शर्मनाक और सरासर गलत… अगर संसद में बैठी सरकार के बजाय गलियों में बैठे लोग कानून बनाना शुरू कर दें तो यह भी एक जिहादी देश है… उन सभी को बधाई जो ऐसा चाहते हैं।’
