आधुनिकता के इस दौर में जहां हमारा काम और आसान हो गया है, वहीं इसकी मदद से समाज में कई अराजक तत्व इसका गलत इस्तेमाल करके मासूम लोगों के साथ ठगी करते हैं। बीते वर्षों में साइबर फ्रॉड के मामलों में इजाफा देखा गया है। साथ ही कोरोना काल में भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान भी मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे बचने के लिए आपको सावधान रहने की जरूरत है। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए भारत के गृह मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है। वहीं साइबर दोस्त ने लोगों को ओटीपी फ्रॉड को लेकर भी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा है कि ओटीपी को कॉल के जरिए भी चुराया जा सकता है। इसलिए आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही कई बाते हैं जिनको ध्यान में रखना आपके लिए सुरक्षित साबित हो सकता है।
- दरअसल, साइबर दोस्त गृह मंत्रालय का एक ट्विटर हैंडल है। ये साइबर सिक्योरिटी पर जानकारी शेयर कर लोगों के इस तरह के फ्रॉड से बचाने के लिए जागरुक करता है। साइबर दोस्त ने ट्वीट करते हुए कहा है कि, फोन पर कभी भी किसी अनजान से बात करते हुए किसी और कॉल को भूलकर भी मर्ज न करें। कॉल मर्ज होते ही साइबर ठग ओटीपी पता लगाकर आपका अकाउंट हैक कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने फ्रॉड का शिकार होने पर शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज करने को कहा है।
- ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले इतने बढ़ गए हैं कि इससे बचने के लिए लगातार बैंक व सरकार की तरफ से हिदायतें दी जा रही हैं। इसके बाद भी ये जालसाज नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। लेकिन अगर आप इसको लेकर थोड़े सावधान हो जाएं तो आप इससे बच सकते हैं।
- ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए आपको अपना ओटीपी किसी से भी शेयर नहीं करना चाहिए। वहीं ज्यादातर लोग फोन और मैसेज के जरिए भी ओटीपी नंबर शेयर कर देते हैं। लेकिन आप गलती भी ऐसा न करें।
- वहीं कई बार लोग अपना नेट बचाने के लिए फ्री वाई-फाई का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन ये किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। आपको पता होना चाहिए कि इन फ्री वाईफाई में कुछ फ्रॉड भी हो सकते हैं, जो आपके फोन में से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय बैंक से जुड़ी निजी जानकारी चुरा सकते हैं। इसलिए पब्लिक वाईफाई से ट्रांजेक्शन करना आपके लिए सही नहीं है।
