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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का जवाब: टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने की नहीं ली गई अनुमति

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अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 28 Dec 2021 05:39 AM IST

सार

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजे आवेदन में यह जानने की कोशिश की थी कि कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो प्रकाशित करने के लिए क्या पीएम की संस्तुति या मंत्रिमंडल की मंजूरी ली गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय
– फोटो : social media

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कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रकाशित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर व्यापक जनहित में लगाई गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री की संस्तुति या मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं ली गई है। जवाब में यह तर्क दिया हैं कि यह निर्णय उनके कार्यकारी क्षेत्र में आते हैं। एक आरटीआई के सवालों के जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह जवाब दिया है।

आरटीआई के जवाब में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिया जवाब
मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजे आवेदन में यह जानने की कोशिश की थी कि कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो प्रकाशित करने के लिए क्या पीएम की संस्तुति या मंत्रिमंडल की मंजूरी ली गई है। इसके जवाब में बताया गया, यह सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी हैं कि इस तरह के महत्वपूर्ण संदेशों को लोगों तक सबसे प्रभावी तरीके से प्रकाशित किया जाए।

सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए किसी भी प्रमाणपत्र पर इस तरह के उपयुक्त संदेश को शामिल करना विभागीय कार्यकारी क्षेत्र में आते हैं। टीकाकरण प्रमाणपत्र के लिए तदनुसार डब्ल्यूएचओ के मानदंडों के अनुरूप टीकाकरण प्रमाणपत्र को प्रारूप, जिसमें टीकाकरण के बाद भी कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के महत्व के बारे में संदेश और प्रस्तुति शामिल हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए और केवल व्यापक जनहित में तय किया गया हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रकाशित फोटो को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने इस मामले को कोर्ट भी पहुंच गए थे। ऐसी स्थिति में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का आरटीआई में जारी व्यापक जनहित वाला जवाब एक बार फिर चर्चा का विषय बन सकता है।

विस्तार

कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रकाशित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर व्यापक जनहित में लगाई गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री की संस्तुति या मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं ली गई है। जवाब में यह तर्क दिया हैं कि यह निर्णय उनके कार्यकारी क्षेत्र में आते हैं। एक आरटीआई के सवालों के जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह जवाब दिया है।

आरटीआई के जवाब में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिया जवाब

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजे आवेदन में यह जानने की कोशिश की थी कि कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो प्रकाशित करने के लिए क्या पीएम की संस्तुति या मंत्रिमंडल की मंजूरी ली गई है। इसके जवाब में बताया गया, यह सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी हैं कि इस तरह के महत्वपूर्ण संदेशों को लोगों तक सबसे प्रभावी तरीके से प्रकाशित किया जाए।

सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए किसी भी प्रमाणपत्र पर इस तरह के उपयुक्त संदेश को शामिल करना विभागीय कार्यकारी क्षेत्र में आते हैं। टीकाकरण प्रमाणपत्र के लिए तदनुसार डब्ल्यूएचओ के मानदंडों के अनुरूप टीकाकरण प्रमाणपत्र को प्रारूप, जिसमें टीकाकरण के बाद भी कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के महत्व के बारे में संदेश और प्रस्तुति शामिल हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए और केवल व्यापक जनहित में तय किया गया हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रकाशित फोटो को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने इस मामले को कोर्ट भी पहुंच गए थे। ऐसी स्थिति में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का आरटीआई में जारी व्यापक जनहित वाला जवाब एक बार फिर चर्चा का विषय बन सकता है।

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