Desh

फैसला: बंगाल हिंसा की जांच के लिए बनी एसआईटी का नेतृत्व करेंगी रिटायर्ड जज मंजुला चेल्लूर, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश

Posted on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Fri, 03 Sep 2021 12:46 PM IST

सार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा से जुड़े मामलों की जांच को लेकर हाईकोर्ट एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। एसआईटी को रिटायर्ड जज मंजुला चेल्लूर नेतृत्व करेंगी। 

कोलकाता हाईकोर्ट
– फोटो : पीटीआई

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कलकता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर के नेतृत्व में बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच होगी। कोलकता हाई कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी का नेतृत्व मंजुला चेल्लूर करेंगी। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है।  इससे पहले हिंसा के मामले में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हत्या के मामलों की जांच के लिए सीबीआई ने संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया था, सीबीआई ने हाई कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी थी, जिसमें हिंसा की बात का जिक्र किया गया है।

 

हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसी साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र जांच के वाली याचिकाओं पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए अन्य सभी मामलों की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का आदेश दिया था। जजों की इस बेंच में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के साथ न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल थे।

सभी मामलों की जांच के लिए दिए गए आदेश
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कई याचिकाओं पर एकमत से फैसला लिया था। अदालत ने अन्य सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का भी आदेश दिया। विशेष जांच दल में पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी सुमन बाला साहू, सौमेन मित्रा और रणवीर कुमार शामिल होंगे। 

विस्तार

कलकता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर के नेतृत्व में बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच होगी। कोलकता हाई कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी का नेतृत्व मंजुला चेल्लूर करेंगी। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है।  इससे पहले हिंसा के मामले में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हत्या के मामलों की जांच के लिए सीबीआई ने संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया था, सीबीआई ने हाई कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी थी, जिसमें हिंसा की बात का जिक्र किया गया है।

 

हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसी साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र जांच के वाली याचिकाओं पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए अन्य सभी मामलों की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का आदेश दिया था। जजों की इस बेंच में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के साथ न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल थे।

सभी मामलों की जांच के लिए दिए गए आदेश

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कई याचिकाओं पर एकमत से फैसला लिया था। अदालत ने अन्य सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का भी आदेश दिया। विशेष जांच दल में पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी सुमन बाला साहू, सौमेन मित्रा और रणवीर कुमार शामिल होंगे। 

Source link

Click to comment

Most Popular