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खगोलीय घटना : 19 नवंबर को लगेगा साल का दूसरा और सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, भारत में भी दिखेगा

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अमर उजाला रिसर्च डेस्क, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 07 Nov 2021 05:39 AM IST

सार

19 नवंबर को रात पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी, ग्रहण दोपहर एक बजकर 30 मिनट के बाद अपने पीक पर होगा। इस दौरान पृथ्वी पूरे चंद्रमा को सूरज की किरणों से ढक देगी। खगोलविदों के अनुसार, इस दौरान चांद का रंग सुर्ख लाल होगा जिसे भारत में भी देखा जा सकेगा।

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 19 नवंबर, शुक्रवार को (कार्तिक पूर्णिमा) के दिन लगेगा। इस मौके पर पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी, ग्रहण दोपहर एक बजकर 30 मिनट के बाद अपने पीक पर होगा।

सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण पर सुर्ख दिखेगा चांद
इस दौरान पृथ्वी पूरे चंद्रमा को सूरज की किरणों से ढक देगी। खगोलविदों के अनुसार, इस दौरान चांद का रंग सुर्ख लाल होगा जिसे भारत में भी देखा जा सकेगा। इसके पहले 26 मई को चंद्रग्रहण लगा था। चंद्रग्रहण के दीदार को लेकर देश की कई नक्षत्रशालाओं में बड़ी तैयारियां की गई हैं।

सदी का लंबा चंद्रग्रहण क्यों?
नासा के वैज्ञानिकों और खगोलविदों का कहना है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण तीन घंटे 28 मिनट और 23 सेकंड का होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्ष 2001 से वर्ष 2021 के बीच पहली बार इस तरह की घटना घटित होगी। नासा के अनुसार पृथ्वी 21वीं सदी में 228 चंद्रग्रहण का साक्षी बनेगी। एक माह में दो और तीन चंद्रग्रहण भी देखने को मिल सकते हैं।

असम और अरुणाचल में दिखेगा चांद
वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा उन्हीं स्थानों पर दिखेगा जहां वो हॉरिजन के ऊपर होगा। भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश के लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। इसी तरह उत्तरी अमेरिका के लोग भी सदी के सबसे लंबे ग्रहण के साक्षी बनेंगे। मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप के लोग भी चंद्रग्रहण को देखेंगे।

इस वर्ष कुल चार ग्रहण
इस वर्ष दो चंद्रग्रहण पड़ने हैं, जिसमें से एक चंद्रग्रहण बीते 26 मई को लग चुका है। अब इस महीने साल का यह दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण है। इस वर्ष में कुल मिलाकर कुल चार ग्रहण पड़ने हैं, जिनमें दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण शामिल हैं। साल का आखिरी सूर्यग्रहण अगले महीने चार दिसंबर को पड़ेगा।

विस्तार

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 19 नवंबर, शुक्रवार को (कार्तिक पूर्णिमा) के दिन लगेगा। इस मौके पर पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी, ग्रहण दोपहर एक बजकर 30 मिनट के बाद अपने पीक पर होगा।

सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण पर सुर्ख दिखेगा चांद

इस दौरान पृथ्वी पूरे चंद्रमा को सूरज की किरणों से ढक देगी। खगोलविदों के अनुसार, इस दौरान चांद का रंग सुर्ख लाल होगा जिसे भारत में भी देखा जा सकेगा। इसके पहले 26 मई को चंद्रग्रहण लगा था। चंद्रग्रहण के दीदार को लेकर देश की कई नक्षत्रशालाओं में बड़ी तैयारियां की गई हैं।

सदी का लंबा चंद्रग्रहण क्यों?

नासा के वैज्ञानिकों और खगोलविदों का कहना है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण तीन घंटे 28 मिनट और 23 सेकंड का होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्ष 2001 से वर्ष 2021 के बीच पहली बार इस तरह की घटना घटित होगी। नासा के अनुसार पृथ्वी 21वीं सदी में 228 चंद्रग्रहण का साक्षी बनेगी। एक माह में दो और तीन चंद्रग्रहण भी देखने को मिल सकते हैं।

असम और अरुणाचल में दिखेगा चांद

वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा उन्हीं स्थानों पर दिखेगा जहां वो हॉरिजन के ऊपर होगा। भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश के लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। इसी तरह उत्तरी अमेरिका के लोग भी सदी के सबसे लंबे ग्रहण के साक्षी बनेंगे। मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप के लोग भी चंद्रग्रहण को देखेंगे।

इस वर्ष कुल चार ग्रहण

इस वर्ष दो चंद्रग्रहण पड़ने हैं, जिसमें से एक चंद्रग्रहण बीते 26 मई को लग चुका है। अब इस महीने साल का यह दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण है। इस वर्ष में कुल मिलाकर कुल चार ग्रहण पड़ने हैं, जिनमें दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण शामिल हैं। साल का आखिरी सूर्यग्रहण अगले महीने चार दिसंबर को पड़ेगा।

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