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एशियाई फुटबॉल कप: टूर्नामेंट के लिए सबसे पहले पहुंची चीनी ताइपे टीम, भारत का विमान हुआ विलंब

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स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 13 Jan 2022 11:10 PM IST

सार

भारत 1980 के बाद पहली बार टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा हे और इसके जरिये उसकी नजरें 2023 फीफा विश्व कप में जगह बनाने पर है।

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– फोटो : सोशल मीडिया

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भारतीय फुटबॉल टीम कोच्चि से निर्धारित उड़ान में विलंब होने के कारण एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) महिला एशियाई कप के लिए बृहस्पतिवार को यहां अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंची।

कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर आशंकाओं के बीच चीनी ताइपे एएफसी महिला एशियाई कप फुटबॉल के लिए यहां पहुंचने वाली पहली टीम बनी। भारतीय टीम ब्राजील दौरे के बाद से कोच्चि में अभ्यास शिविर में थी। उसकी उड़ान में विलंब होने से शाम का मीडिया सत्र स्थगित कर दिया गया है।

टूर्नामेंट शुरू होने का इंतजार कर रहे भारत के मुख्य कोच थॉमस डेनेरबी ने कहा, ‘यह वह क्षण है जिसकी हम पिछले छह महीनों से तैयारी कर रहे हैं। हमने इसके लिए 200 से अधिक सत्र किए हैं, चार देशों में कड़े प्रतिद्वद्वियों के खिलाफ कई मैच खेले हैं, और अब उन सभी चीजों को लागू करने का समय आ गया है जिन पर हम काम कर रहे हैं।’ 

भारत को ग्रुप ए में ईरान (20 जनवरी), चीनी ताइपे (23 जनवरी) और चीन (26 जनवरी) से खेलना है। पुणे में खेल रही सभी टीमें मुंबई पहुंचेंगी और फिर सड़क मार्ग से पुणे आएंगी। सभी टीमें कड़े बायो बबल में रहेंगी और टूर्नामेंट से जुड़े सभी अधिकारियों और खिलाड़ियों की नियमित कोरोना जांच होगी। 

सूत्र ने कहा , ‘होटल में कार्यरत स्टाफ भी बायो बबल में रहेगा और बबल के बाहर किसी से शारीरिक संपर्क नहीं होगा। टीमों के साथ जुड़े ड्राइवरों के लिए भी यही स्थिति रहेगी। उन्हें भी बबल के भीतर ही रहना होगा।’ 

भारत 1980 के बाद पहली बार टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा हे और इसके जरिये उसकी नजरें 2023 फीफा विश्व कप में जगह बनाने पर है। टूर्नामेंट के मेजबानों में पुणे के बाहर स्थित बालेवाड़ी खेल परिसर भी है जहां 2008 राष्ट्रमंडल युवा खेल समेत कई बड़े टूर्नामेंटों का आयोजन हुआ है ।

विस्तार

भारतीय फुटबॉल टीम कोच्चि से निर्धारित उड़ान में विलंब होने के कारण एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) महिला एशियाई कप के लिए बृहस्पतिवार को यहां अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंची।

कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर आशंकाओं के बीच चीनी ताइपे एएफसी महिला एशियाई कप फुटबॉल के लिए यहां पहुंचने वाली पहली टीम बनी। भारतीय टीम ब्राजील दौरे के बाद से कोच्चि में अभ्यास शिविर में थी। उसकी उड़ान में विलंब होने से शाम का मीडिया सत्र स्थगित कर दिया गया है।

टूर्नामेंट शुरू होने का इंतजार कर रहे भारत के मुख्य कोच थॉमस डेनेरबी ने कहा, ‘यह वह क्षण है जिसकी हम पिछले छह महीनों से तैयारी कर रहे हैं। हमने इसके लिए 200 से अधिक सत्र किए हैं, चार देशों में कड़े प्रतिद्वद्वियों के खिलाफ कई मैच खेले हैं, और अब उन सभी चीजों को लागू करने का समय आ गया है जिन पर हम काम कर रहे हैं।’ 

भारत को ग्रुप ए में ईरान (20 जनवरी), चीनी ताइपे (23 जनवरी) और चीन (26 जनवरी) से खेलना है। पुणे में खेल रही सभी टीमें मुंबई पहुंचेंगी और फिर सड़क मार्ग से पुणे आएंगी। सभी टीमें कड़े बायो बबल में रहेंगी और टूर्नामेंट से जुड़े सभी अधिकारियों और खिलाड़ियों की नियमित कोरोना जांच होगी। 

सूत्र ने कहा , ‘होटल में कार्यरत स्टाफ भी बायो बबल में रहेगा और बबल के बाहर किसी से शारीरिक संपर्क नहीं होगा। टीमों के साथ जुड़े ड्राइवरों के लिए भी यही स्थिति रहेगी। उन्हें भी बबल के भीतर ही रहना होगा।’ 

भारत 1980 के बाद पहली बार टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा हे और इसके जरिये उसकी नजरें 2023 फीफा विश्व कप में जगह बनाने पर है। टूर्नामेंट के मेजबानों में पुणे के बाहर स्थित बालेवाड़ी खेल परिसर भी है जहां 2008 राष्ट्रमंडल युवा खेल समेत कई बड़े टूर्नामेंटों का आयोजन हुआ है ।

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