Tech

शिकंजा : गूगल के डिजिटल विज्ञापन कारोबार की ईयू ने शुरू की जांच

टेक न्यूज, अमर उजाला, ब्रूसेल्स
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 23 Jun 2021 06:37 AM IST

ख़बर सुनें

यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा नियामक आयोग ने गूगल के डिजिटल विज्ञापन कारोबार की जांच शुरू कर दी है। अल्फाबेट की कंपनी पर आरोप है कि इस कारोबार के जरिए वह प्रतिद्वंद्वियों प्रकाशकों और विज्ञापनदाताओं से अनुचित लाभ ले रहा है। उसने पिछले वर्ष ऑनलाइन विज्ञापनों से करीब 11 लाख करोड़ रुपये कमाए थे।

अपनी ही बनाई व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक जता चुके कई देश
आयोग के अनुसार, गूगल पर आरोप है कि उसने प्रतियोगिता के नियम तोड़े। इससे प्रतिद्वंद्वियों, प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन तकनीकी सेवाएं देने वाली अन्य कंपनियों को नुकसान पहुंचा है।

अपनी ही बनाई व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक जता चुके कई देश
अनुमान था कि इस जांच साल के अंत तक शुरू होगी। लेकिन आयोग ने शीघ्रता दिखाई। यह आयोग यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा नियामक एजेंसी है। उसकी जांच को व्यापक जांच माना जा रहा है।

इन विज्ञापनों के लिए तकनीक से लेकर प्लेटफार्म तक गूगल द्वारा विकसित है। इसी वजह से उस पर अपनी व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक कई देश जता चुके हैं। भारत व अमेरिका सहित कुछ तो आज भी करवा रहे हैं।

गूगल : कारोबारियों की मदद की
गूगल ने पहले से तैयार बयान में कहा कि यूरोप ने में हजारों कारोबारी उसे विज्ञापन देते हैं। वह उन्हें नए उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और हर रोज वेबसाइट के जरिए पैसा कमाने में मदद करता है।

ज्यादा प्रतियोगी व प्रभावशाली होने की वजह से वे गूगल को चुनते हैं। मौजूदा जांच में आयोग के सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। कारोबारियों पर वे उपभोक्ताओं को हो रहे फायदों के बारे में भी बताया जाएगा।

विस्तार

यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा नियामक आयोग ने गूगल के डिजिटल विज्ञापन कारोबार की जांच शुरू कर दी है। अल्फाबेट की कंपनी पर आरोप है कि इस कारोबार के जरिए वह प्रतिद्वंद्वियों प्रकाशकों और विज्ञापनदाताओं से अनुचित लाभ ले रहा है। उसने पिछले वर्ष ऑनलाइन विज्ञापनों से करीब 11 लाख करोड़ रुपये कमाए थे।

अपनी ही बनाई व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक जता चुके कई देश

आयोग के अनुसार, गूगल पर आरोप है कि उसने प्रतियोगिता के नियम तोड़े। इससे प्रतिद्वंद्वियों, प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन तकनीकी सेवाएं देने वाली अन्य कंपनियों को नुकसान पहुंचा है।

अपनी ही बनाई व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक जता चुके कई देश

अनुमान था कि इस जांच साल के अंत तक शुरू होगी। लेकिन आयोग ने शीघ्रता दिखाई। यह आयोग यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा नियामक एजेंसी है। उसकी जांच को व्यापक जांच माना जा रहा है।

इन विज्ञापनों के लिए तकनीक से लेकर प्लेटफार्म तक गूगल द्वारा विकसित है। इसी वजह से उस पर अपनी व्यवस्था में अनुचित फायदा लेने का शक कई देश जता चुके हैं। भारत व अमेरिका सहित कुछ तो आज भी करवा रहे हैं।

गूगल : कारोबारियों की मदद की

गूगल ने पहले से तैयार बयान में कहा कि यूरोप ने में हजारों कारोबारी उसे विज्ञापन देते हैं। वह उन्हें नए उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और हर रोज वेबसाइट के जरिए पैसा कमाने में मदद करता है।

ज्यादा प्रतियोगी व प्रभावशाली होने की वजह से वे गूगल को चुनते हैं। मौजूदा जांच में आयोग के सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। कारोबारियों पर वे उपभोक्ताओं को हो रहे फायदों के बारे में भी बताया जाएगा।

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top
%d bloggers like this: