फांसी का फंदा
– फोटो : फांसी का फंदा
पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।
*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!
ख़बर सुनें
महिला का पति महिला और उसके बच्चों के साथ मारपीट करता था। महिला के वकील ने जानकारी दी कि जाहरा दो बच्चों की मां है और उससे पहले 16 लोगों को फांसी पर चढ़ाया जाना था। वकील ने जानकारी दी कि तनाव और डर की वजह स जाहरा की फांंसी के तख्ते पर जाने से पहले ही दिल का दौरा पड़ने पर मौत हो गई।
वकील ने दावा किया कि प्रशासन किसी भी तरह से जाहरा को फांसी पर चढ़ाना चाहता था ताकि उसकी सास अपने बेटे की मौत का बदला ले सके। बता दें कि ईरान में कड़े शरिया कानून की वजह से ऐसा किया गया। महिला के वकील ने बताया कि जाहरा की मौत दिल का दौरा पड़ने पर हो गई थी लेकिन इसके बाद भी उसे फांसी दी गई।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि उसकी सास मौत की कुर्सी को लात मारकर उसे फांसी के फंदे पर चढ़ा सके। जाहरा के वकील ने इसे अमानवीय प्रक्रिया बताया और कहा कि जाहरा से पहले 16 और लोगों को फांसी चढ़ाई जानी थी। जाहरा को अपनी मौत का इंतजार करना था।
जाहरा को तनाव और डर की वजह से दिल का दौरा पड़ा और फांसी पर चढ़ने से पहले ही उसकी मौत हो गई। लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने रहम नहीं किया और लाश के हाथ बांधकर गर्दन में फांसी लगाकर मौत की कुर्सी पर बैठा दिया। इसके बाद महिला को फांसी पर लटका दिया।
ईरान में आंख के बदले आंख का कानून है, इसलिए महिला की सास को ये अधिकार दिया गया कि वह अपने बेटे की मौत का बदला ले सके। चीन के बाद ईरान दूसरा ऐसा देश हैं, जहां सबसे ज्यादा फांसी दी जाती है।
